मुरैना जिले में चंबल के बीहड़ों की शासकीय जमीन एक बार फिर खूनी संघर्ष की वजह बन गई। सबलगढ़ थाना क्षेत्र के रतियापुरा गांव में जमीन विवाद को लेकर हथियारबंद लोगों ने खेत पर काम कर रहे परिवार पर फायरिंग कर दी। इस हमले में जगदीश केवट की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति बाल-बाल बच गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह जगदीश केवट और रामनिवास केवट अपने परिवार के साथ खेत पर साफ-सफाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले घमंडी और भवानी अपने कुछ साथियों के साथ हथियार लेकर वहां पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि पहली गोली रामनिवास के सिर के ऊपर से निकल गई, जबकि दूसरी गोली जगदीश केवट के चेहरे में जा लगी। गोली लगते ही जगदीश की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
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घटना की सूचना मिलते ही सबलगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि छह लोग हथियारों के साथ खेत पर पहुंचे थे और आते ही फायरिंग शुरू कर दी। परिवार का कहना है कि आरोपियों के पास बंदूकें थीं और हमला पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से किया गया।
वहीं सबलगढ़ एसडीओपी राज कृष्ण शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद की बात सामने आई है। फरियादी पक्ष का कहना है कि विवाद निजी जमीन को लेकर था। फायरिंग में जगदीश केवट की मौत हुई है। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि चंबल अंचल में शासकीय और विवादित जमीन को लेकर लगातार हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते राजस्व और पुलिस विभाग विवादों का समाधान नहीं करते, जिसके चलते छोटे विवाद खूनी संघर्ष में बदल जाते हैं।
