राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगी। इस एसआईटी का गठन मिसरोद एसीपी रजनीश कश्यप की अध्यक्षता में किया गया है। टीम में महिला अधिकारी के साथ कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे और बागसेवनिया थाना प्रभारी संजय सोनी को भी शामिल किया गया है।

ट्विशा के परिजन शव का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराने और दहेज हत्या के मामले की जांच भोपाल और मध्यप्रदेश से बाहर की पुलिस एजेंसी से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा, तब तक वे शव नहीं लेंगे। फिलहाल ट्विशा का शव पिछले पांच दिनों से भोपाल एम्स की मर्चुरी में सुरक्षित रखा हुआ है।

पुलिस सोमवार को कोर्ट से मांगेगी मार्गदर्शन

कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि भोपाल एम्स प्रशासन ने शनिवार रात पुलिस को मेल कर जानकारी दी है कि शव को पांच दिन हो चुके हैं और लंबे समय तक मर्चुरी में सुरक्षित रखना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब पुलिस सोमवार को भोपाल जिला अदालत में आवेदन लगाकर मार्गदर्शन मांगेगी कि ऐसी स्थिति में क्या किया जाए, जब परिजन शव लेने से इनकार कर रहे हैं। दुबे ने कहा कि पुलिस पहले भी कई लावारिश शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है और अदालत जो भी आदेश देगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

शादी के पांच महीने बाद हुई मौत

जानकारी के मुताबिक 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। दिसंबर 2025 में उसकी शादी शादी डॉट कॉम के जरिए भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश और भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह के बेटे और अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी।

मौत से पहले मां को बताया था प्रताड़ना का दर्द

परिजनों के अनुसार 12 मई की रात ट्विशा ने नोएडा में अपनी मां और अन्य परिवारजनों से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है। नौकरी छोड़ने को लेकर उसे “नाकारा” कहा जाता था और लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि बातचीत के दौरान अचानक उसका फोन कट गया। करीब दो घंटे बाद उसकी सास गिरिबाला सिंह ने फोन कर बताया कि ट्विशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

दहेज हत्या का केस दर्ज

कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है। हालांकि, गिरिबाला सिंह को शुक्रवार देर शाम भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई। इसके बाद परिजनों ने नाराजगी जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा और अन्य परिजनों ने भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार से मुलाकात की। परिजनों ने मांग की है कि ट्विशा का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए और दहेज हत्या मामले की जांच भोपाल या मध्यप्रदेश से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए।



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