त्विषा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह से बुधवार को मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम ने मुलाकात की। आयोग की टीम महिला कैदियों और बंदियों की स्थिति का जायजा लेने जेल पहुंची थी। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने गिरिबाला सिंह से जेल में भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान गिरिबाला सिंह ने किसी भी प्रकार की परेशानी से इनकार करते हुए कहा कि जेल में सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं और उन्हें कोई शिकायत नहीं है। जानकारी के अनुसार, आयोग की टीम जब उनके पास पहुंची, तब वे लेखक देवदत्त पटनायक की पुस्तक ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ रही थीं। टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी। बातचीत के दौरान वे काफी शांत नजर आईं। निरीक्षण के दौरान महिला आयोग की टीम को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि गिरिबाला सिंह को जेल में किसी प्रकार की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हो।
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क्या है ‘द प्रेग्नेंट किंग’ की कहानी
देवदत्त पटनायक का उपन्यास ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पौराणिक कथा से प्रेरित है। कथा के अनुसार राजा युवनाश्व संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ कराते हैं। यज्ञ के बाद रानियों के लिए तैयार किया गया मंत्रयुक्त पेय वे स्वयं पी लेते हैं, जिसके बाद वे गर्भवती हो जाते हैं। बाद में उनके शरीर से पुत्र मांधाता का जन्म होता है। इसी कथा को आधार बनाकर यह उपन्यास लिखा गया है।
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लीगल एड के वकीलों ने पेश किया वकालतनामा
त्विषा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना ने जिला अदालत में वकालतनामा प्रस्तुत किया है। दोनों वकील विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े हैं। इस कारण अदालत ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से पूछा है कि उन्हें मामले में पैरवी की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। कोर्ट ने इस संबंध में आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश मांगे हैं।
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दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच तेज
त्विषा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को मिल गई है। जांच एजेंसी अब मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच का फोकस गर्भावस्था, शरीर पर मिले चोटों के निशान और फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों पर है। इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप से रिकवर किए गए चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिलीट किए गए डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि मामले की सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके।
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महिला बंदियों ने प्रस्तुत किए भजन
महिला आयोग की टीम ने जेल के महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों से उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली गई। जेल के सांस्कृतिक कक्ष में महिला बंदियों के ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन प्रस्तुत किए। निरीक्षण के दौरान आयोग के सचिव सुरेश तोमर, जेल अधीक्षक राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
