शहर में पान की दुकानों से लेकर छोटे किराना स्टोर पर इनकी उपलब्धता है और यह अलग-अलग नाम से भी आते हैं। खास बात यह भी है कि यह आनलाइन भी बिक रहे हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 08 May 2026 09:31:45 AM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2026 09:32:17 AM (IST)

भोपाल के बाद अब ग्वालियर में भी रोलिंग पेपर और कोन पर लगा प्रतिबंध
बाजार में बिकते रोलिंग पेपर और गोगो l नईदुनिया

HighLights

  1. किराना दुकान से लेकर पान की दुकानों पर बिक रहे पेपर
  2. पांच से 10-10 रुपये में किराना व पान की दुकान पर मिल रहे
  3. सेहत के लिए भी घातक है यह शौक

नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। नशे का सेवन करने के आसान उपाय शहर में किराना दुकान और पान की दुकानों पर मिल रहे हैं। कई प्रकार के नशीले पदार्थ जैसे चरस, गांजा आदि के सेवन के लिए जिन रोलिंग पेपर व कोन का इस्तेमाल होता है उनका विक्रय ग्वालियर की दुकानों पर भी बेधड़क हो रहा है।

यह अलग-अलग नाम से भी आते हैं

पांच से 10 रुपये में यह रोलिंग पेपर और कोन उपलब्ध हो जाता है जिसके सबसे बड़ा खरीदार युवा वर्ग है। इन रोलिंग पेपर व कोन में भी जहरीले व घातक पदार्थ होते हैं जिनका उपयोग कर इनका निर्माण किया जाता है। इनमें पोटेशियम नाइट्रेट व आर्टिफिशियल डाई तक होने की संभावना सामने आ चुकी है।

भोपाल शहर में यह रोलिंग कोन व पेपर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। शहर में पान की दुकानों से लेकर छोटे किराना स्टोर पर इनकी उपलब्धता है और यह अलग-अलग नाम से भी आते हैं। खास बात यह भी है कि यह आनलाइन भी बिक रहे हैं।

बता दें कि ग्वालियर में नशीले पदार्थ पकड़े जाने के मामले सामने आते रहते हैं। गांजा व चरस आमतौर पर ऐसे नशे हैं जो आसानी से तस्करों के माध्यम से उपलब्ध करा दिए जाते हैं। ऐसे पदार्थों के सेवन के लिए जो पेपर व कोन का इस्तेमाल होता है वह खुलेआम शहर में बिकते हैं। यह हैरत की बात भले ही हो लेकिन हकीकत यही है। नशीले पदार्थ को रोलिंग पेपर व कोन में भरकर इसका सेवन किया जाता है। इन ब्रांड व नाम से मिल रहे है परफेक्ट रोल, गोगो स्मोकिंग कोन, रोलिंग पेपर, रोल कोन।

नाबालिग नशे की चपेट में

यह नशीले पदार्थ का सेवन करने वालो में नाबालिग भी चपेट में है। छोटी दुकानों से लेकर पान की दुकानों पर नाबालिगों को यह उत्पाद खरीदते हुए देखा जा सकता है। खास बात यह कि दुकानदार भी इन रोलिंग पेपर आदि को देने से मना नहीं करते हैं। इसी नशे के कारण नाबालिग अपराध में लिप्त हो जाते हैं।



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