नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर पुलिस ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम लांच करने जा रही है। यह ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम खासकर ऐसे क्षेत्रों में अलर्ट मैसेज देगा, जहां सड़क हादसे अधिक होते हैं। ऐसे क्षेत्र- जहां अधिक हादसे हुए हैं, उन्हें ब्लैक और रेड स्पाट के रूप में ग्वालियर पुलिस ने चिह्नित किया है। गूगल के साथ ग्वालियर पुलिस ने टाइ-अप किया है।

सड़क हादसे रोकने डिजिटल प्रयास

इसके चलते ग्वालियर के ऐसे इलाकों को गूगल मैप पर फीड किया जा रहा है, जहां सड़क हादसे अधिक होते हैं। सड़क हादसे रोकने की दिशा में इस तरह का यह डिजिटल प्रयास कितना कारगर साबित होगा, यह लागू होने के बाद ही पता लगेगा।

पुलिस को भरोसा- मददगार साबित होगा

पुलिस अधिकारियों का कहना है- कार चालकों से लेकर दो पहिया वाहन चालक तक कई बार शहर के अंदर ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यह प्रयास उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा। आगामी 10 दिन में यह सिस्टम ग्वालियर पुलिस द्वारा लांच कर दिया जाएगा। इस पर तकनीकी काम चल रहा है।

खतरनाक रोड: यहां गति सीमा भी बताएगा: पुलिस ऐसा डाटाबेस फीड कर रही है, जो शहर से लेकर ग्वालियर के आसपास से गुजर रहे हाइवे तक पर खतरनाक रोड पर गति सीमा भी बता देगा। इसकी वजह है- ग्वालियर में सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार है।

खास बात: कोई लागत नहीं: इस व्यवस्था की खास बात है कि यह जीरो कास्ट है यानि इसमें कोई लागत नहीं है। ग्वालियर पुलिस द्वारा डाटाबेस तैयार किया गया है।

अभी सिर्फ ब्लैक स्पाट चिह्नित, रेड स्पाट ग्वालियर पुलिस ने खुद बढ़ाए

अभी आधिकारिक रूप से ब्लैक स्पाट सिर्फ पांच ही हैं। जबकि इन स्पाट के अलावा भी ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हादसे बढ़ रहे हैं। इन्हें रेड स्पाट के रूप में चिह्नित किया गया है। सड़क हादसों के आंकड़ों के हिसाब से इन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है।

यह हैं ब्लैक स्पाट

  • सिकरोदा तिराहा, जौरासी घाटी, रायरू, सिमरिया मोड़, कल्याणी तिराह।

यह हैं रेड स्पाट

  • करियावटी, भितरवार रोड, लखेश्वरी माता, मंदिर की घाटी, मुरार-चितौरा रोड, टेकनपुर हाईवे, दौरार, घाटीगांव रोड, सागरताल रोड, जलालपुर चौराह, बेला की बावड़ी तिराहा, बिरलानगर पुल, लक्ष्मणगढ़ पुल के पास, नैनागिर तिराहा, बड़ागांव चौराहा, केंद्रीय विद्यालय के सामने, भिंड रोड।

एएसपी ने कहा…

ग्वालियर में ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम जल्द ही लागू करेंगे। इसमें सबसे पहले सड़क हादसे वाले क्षेत्रों को ब्लैक व रेड स्पाट के रूप में चिह्नित किया है। यहां से गुजरने पर गूगल मैप बताएगा कि यह ब्लैक-रेड स्पाट है। गूगल के सहयोग से यह सिस्टम लांच हो रहा है। -अनु बेनीवाल, एएसपी



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