राजधानी भोपाल के नजीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बैराबल में एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 77 वर्षीय बुजुर्ग पिता द्वारा किए गए जानलेवा हमले की सच्चाई उसके 35 वर्षीय बेटे ने परिवार को बिखरने से बचाने के लिए 15 दिनों तक छिपाए रखी। इलाज के दौरान बेटे की मौत के बाद पत्नी ने पुलिस को सच्चाई बताई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

नजीराबाद पुलिस के अनुसार, यह घटना 31 मार्च की है। भगवान सिंह विश्वकर्मा (35) अपनी पंचर की दुकान पर काम कर रहे थे, तभी उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से गंभीर वार किया गया। घायल अवस्था में भगवान सिंह ने पुलिस को बताया था कि यह चोट छत से कुल्हाड़ी गिरने के कारण लगी है। इसके बाद पुलिस ने इसे एक हादसा मानकर मामला दर्ज किया और उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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उपचार और मृत्यु, पत्नी ने बताई सच्चाई

अस्पताल में 15 दिनों तक चले इलाज के बावजूद, 15 अप्रैल को भगवान सिंह की मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत किसी हादसे से नहीं, बल्कि गंभीर चोट (हमले) के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू की। मृतक की पत्नी भूरी बाई ने घटना के पांच दिन बाद पुलिस को बताया कि भगवान सिंह पर किसी और ने नहीं, बल्कि उनके ससुर गंगाराम (77) ने पीछे से कुल्हाड़ी से हमला किया था। भगवान सिंह ने खुद यह बात अपनी पत्नी को बताई थी, लेकिन परिवार को टूटने से बचाने के लिए उन्होंने भूरी बाई को चुप रहने की सख्त कसम दी थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना से एक दिन पहले आरोपी गंगाराम का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जिसमें भगवान सिंह ने बीच-बचाव किया था। इसी बात से नाराज होकर पिता ने बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया।


इनका कहना है


मृतक की पत्नी भूरी बाई के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस दुर्घटना के मामले में हत्या की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने आरोपी पिता गंगाराम को गिरफ्तार कर लिया है। उसने भी आवेश में आकर बेटे पर हमला करना स्वीकार किया है।


-रामशरण प्रजापति, पुलिस अधीक्षक, भोपाल ग्रामीण




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