डबरा निवासी 20 वर्षीय युवती सलोनी के लिए सोमवार का दिन नए जीवन की शुरुआत जैसा रहा। …और पढ़ें

HighLights
- थायराइड के कारण 20 साल की उम्र में दोनों कुल्हे खराब
- विशेष छोटे इम्प्लांट से सफल सर्जरी कर दी नई उम्मीद
- दो चरणों में इलाज पूरा, युवती फिर चलने की ओर अग्रसर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। डबरा निवासी 20 वर्षीय युवती सलोनी के लिए सोमवार का दिन नए जीवन की शुरुआत जैसा रहा। पिछले दो वर्षों से चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ सलोनी के दूसरे कुल्हे का जयारोग्य चिकित्सालय के विशेषज्ञों ने सफल ऑपरेशन कर उसे फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद दी है।
सलोनी जब दो साल पहले पहली बार ओपीडी में आई थी, तब वह गंभीर स्थिति में थी। जांच में सामने आया कि वह थायराइड से ग्रसित है। इस बीमारी का उसकी हड्डियों पर इतना बुरा असर पड़ा कि महज 20 साल की उम्र में उसके दोनों कुल्हे पूरी तरह खराब हो चुके थे और हड्डियां बेहद कमजोर हो गई थीं।
डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती
आमतौर पर इतनी कम उम्र में हिप ज्वाइंट खराब नहीं होते, लेकिन सलोनी का केस डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती था। हड्डियां इतनी कमजोर थीं कि सामान्य आकार के इम्प्लांट फिट करना संभव नहीं था। इसके लिए विशेष रूप से छोटे आकार के इम्प्लांट तैयार किए गए। कमजोर हड्डियों में इम्प्लांट को फिक्स करना सबसे कठिन काम था, क्योंकि जरा सी चूक से हड्डी टूटने का खतरा था।
गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं आर्थोपेडिक सर्जन डा. आरकेएस धाकड़ ने इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। करीब एक घंटे चली इस सर्जरी में डा. विकास सिंघल और डा. प्रखर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दो चरणों में हुआ इलाज
सलोनी का एक कुल्हा दो वर्ष पूर्व बदला गया था। सोमवार को दूसरे कुल्हे का सफल प्रत्यारोपण कर उसकी सर्जरी की प्रक्रिया पूरी की गई।
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