स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के बीच राजधानी भोपाल की सफाई व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर नगर निगम भोपाल और जिला प्रशासन पर स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को छिपाने के लिए सिर्फ रंगरोगन और दिखावटी सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जबकि जमीनी हालात अब भी चिंताजनक हैं।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान निगम वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय निरीक्षण टीम को चमकदार तस्वीर दिखाने में जुटा है। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये पुताई और सजावट पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन शहर के कई सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी और अव्यवस्था बनी हुई है।

सुलभ शौचालय के बाहर

10 नंबर मार्केट के सुलभ शौचालय को बनाया मुद्दा

कांग्रेस ने अरेरा कॉलोनी स्थित 10 नंबर मार्केट के सुलभ शौचालय का उदाहरण देते हुए कहा कि बाहर से रंगाई-पुताई कर भवन को आकर्षक दिखाया गया है, लेकिन अंदर टूटी पाइपलाइन, गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। आरोप है कि महिलाओं, बुजुर्गों और बाजार आने वाले नागरिकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले क्षेत्र की भी अनदेखी

विवेक त्रिपाठी ने कहा कि अरेरा कॉलोनी नगर निगम को सर्वाधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल है, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं की हालत खराब है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो शहर में गंदगी और अव्यवस्था क्यों बनी हुई है।

यह भी पढ़ें-एमपी में डबल अटैक वाला मौसम, 46 जिलों में लू का असर, कई इलाकों में आंधी-बारिश बनेगी मुसीबत

कांग्रेस की पांच मांगें

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करते हुए भोपाल के सार्वजनिक शौचालयों का स्वतंत्र निरीक्षण कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने, दिखावटी खर्च रोककर स्थायी सफाई व्यवस्था लागू करने, सर्वेक्षण टीम को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने और पेयजल व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें-भोपाल में भाईचारे के साथ मनाई जा रही बकरीद, सोशल मीडिया पर संयम की अपील

आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी आम नागरिकों के साथ मिलकर शहर में व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतिम चरण में उठे इन आरोपों ने राजधानी की सफाई व्यवस्था और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *