भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) में अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम और चीता संरक्षण कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश आज वैश्विक वन्यजीव संरक्षण का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक रोल मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, वल्चर स्टेट, घड़ियाल स्टेट के साथ अब चीता स्टेट के रूप में भी नई पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश से वर्षों पहले विलुप्त हो चुके चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर वापस लाकर ऐतिहासिक कार्य किया गया है। अब प्रदेश में कुल 53 चीते हो चुके हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि कूनो और गांधी सागर अभयारण्यों को चीतों ने अपना नया घर बना लिया है।

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प्रदेश के जंगलों में 100 से अधिक हाथियों का विचरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मोगली लैंड और सफेद शेरों की धरती के रूप में भी विश्वभर में पहचान रखता है। करीब 100 वर्षों बाद मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों का पुनर्वास किया गया है। कूनो नदी में दुर्लभ प्रजाति के 33 कछुए और 53 घड़ियाल छोड़े गए हैं, जबकि हलाली डेम क्षेत्र में लुप्तप्राय गिद्धों को प्राकृतिक वातावरण में मुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 हजार से अधिक वनस्पतियों, लगभग 500 पक्षी प्रजातियों और 180 से अधिक मछलियों की प्रजातियों का संरक्षण किया जा रहा है। अब प्रदेश के जंगलों में 100 से अधिक हाथी भी विचरण कर रहे हैं।

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एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल का शुभारंभ, डाक टिकट जारी 

कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जैव-विविधता संरक्षण और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जैव-विविधता रिपोर्ट-2026, चीता संरक्षण ब्रोशर सहित विभिन्न प्रचार सामग्रियों का विमोचन किया गया और अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस की स्मृति में 5 रुपये का विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया। आईआईएफएम में नवस्थापित डेटा ड्रिवन लैब का लोकार्पण भी किया गया।

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प्रदेश में किंग कोबरा और गैंडे लाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता विश्व में वन्यजीव पुनर्स्थापन का एक अनूठा उदाहरण बन चुका है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों का सफल पुनर्वास वन विभाग की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी विकसित कर रही है, ताकि घायल वन्यजीवों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही प्रदेश में किंग कोबरा और गैंडे लाने की तैयारी भी की जा रही है। 

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कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य 90% पूरा : भूपेंद्र यादव

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जैव-विविधता भारतीय सभ्यता की आत्मा है और इसे बचाना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के केवल 2.4 प्रतिशत भू-भाग पर स्थित है, लेकिन यहां जैव-विविधता की समृद्ध विरासत मौजूद है। उन्होंने बताया कि देश के 58 टाइगर रिजर्व से लगभग 600 जलधाराएं निकलती हैं, जो नदियों का रूप लेकर करोड़ों लोगों को जीवन देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य का 90 प्रतिशत हासिल कर चुका है और वर्ष 2030 तक इसे पूरी तरह प्राप्त कर लिया जाएगा।

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सीएम ने गैस त्रासदी के कचरे का संपूर्ण निपटारा

यादव ने कहा कि हमने नदियों के संरक्षण का कार्य भी शुरू किया है। चंबल नदी के संरक्षण के लिए योजना तैयार की जा रही है। जलवायु परिवर्तन, हैबिटेट लॉस, प्रदूषण और संसाधनों के असुंतलित उपयोग ने पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव छोड़ा है। आज सतत, समृद्ध और टिकाऊ विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुनिया की भीषण त्रासदियों में शामिल भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट का संपूर्ण निष्पादन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया है। 

इस वर्ष 18 नए चीता शावकों का जन्म 

कार्यक्रम में कूनो नेशनल पार्क के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि भारत में इस वर्ष 18 नए चीता शावकों का जन्म हुआ है और देश में अब कुल 53 चीते हैं, जिनमें से 33 भारत में जन्मे हैं। वहीं इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के डायरेक्टर जनरल डॉ. एस.पी. यादव ने कहा कि भारत आज चीता संरक्षण में दुनिया का अग्रणी देश बन चुका है और कूनो नेशनल पार्क का मॉडल वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

 



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