ग्वालियर गोलीकांड के आरोपी रिटायर्ड फौजी विष्णु दुबे के पिता ओमप्रकाश दुबे की सदमे से मौत हो गई। बेटे और नाती की गिरफ्तारी की खबर सुनकर उनकी तबीयत बिग …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 29 May 2026 08:31:05 AM (IST)Updated Date: Fri, 29 May 2026 08:31:05 AM (IST)

ससुर-दामाद को मारने वाले रिटायर्ड फौजी के पिता की मौत, फूट-फूटकर रोया, अंतिम दर्शन भी नहीं हुए नसीब
रिटायर्ड फौजी ने अवैध रेत के फड़ पर ससुर-दामाद को गोलियों से भूना। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ग्वालियर गोलीकांड के आरोपी विष्णु दुबे के पिता की मौत हुई।
  2. बेटे और नाती की गिरफ्तारी से वृद्ध पिता को सदमा लगा।
  3. विष्णु दुबे ससुर-दामाद गोलीकांड में पुलिस रिमांड पर है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अवैध रेत के फड़ पर ससुर-दामाद को गोलियों से भूनने वाले रिटायर्ड फौजी विष्णु दुबे के 75 वर्षीय वृद्ध पिता ओमप्रकाश दुबे की मौत हो गई। उन्हें जब पता लगा कि उनका बेटा विष्णु और नाती बृजमोहन सलाखों के पीछे हैं। पूरे घर का नाम एफआइआर में लिखवाया जा रहा है। ओमप्रकाश दुबे को सदमा लगा और उनकी सांसें थम गई। गुरुवार को ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। विष्णु आखिरी बार अपने पिता का चेहरा तक नहीं देख सके। वह दिनभर पिता को यादकर रोते रहे।

रेत के फड़ को लेकर दीनदयाल नगर स्थित पटरी रोड पर विष्णु दुबे का कोठारी हाउस के पास रहने वाले सत्यभान गुर्जर का विवाद चल रहा है। सत्यभान, उसके दामाद महेंद्र उर्फ भोलू गुर्जर ने अपने साथियों के साथ मिलकर विष्णु पर बीते रोज हमला किया था। उसके बाद विष्णु ने लाइसेंसी पिस्टल से ससुर-दामान को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियां मारीं।

भोलू के तो सीने पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने विष्णु दुबे और उसके बड़े बेटे, भाई पर एफआइआर दर्ज की थी। पुलिस ने विष्णु के साथ उसके भतीजे बृजमोहन को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बृजमोहन मौके पर था। विष्णु मूल रूप से भिंड जिले के मेहगांव का रहने वाला है। विष्णु ग्वालियर के दीनदयाल नगर इलाके में रहने लगा था। यहीं उसका परिवार रहता था। वृद्ध पिता गांव में थे। इस घटना के बाद उन्हें पता लगा कि विष्णु और बृजमोहन पुलिस हिरासत में हैं। विष्णु का बेटा और उनका दूसरा बेटा भी जेल जाने वाला है, तब वह घबरा गए। इसके बाद उनकी मौत हो गई। उनकी मौत गुरुवार को हुई। गुरुवार को शाम करीब चार बजे ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

कोर्ट में था तब पता लगा- पिता नहीं रहे

आरोपी विष्णु को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस के पास उसके पिता के निधन की खबर आई। विष्णु के वकील ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी। कोर्ट को पता लगा कि विष्णु के अलावा ओमप्रकाश के चार और बेटे हैं तो मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमति नहीं दी गई।

एक दिन की रिमांड पर विष्णु

विष्णु दुबे को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है। उसे शुक्रवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। जब पुलिस ने पूछताछ की तो बोला कि भोलू तो उसके बेटे जैसा था। वह उसे मारना नहीं चाहता था। दुश्मनी सत्यभान से थी। सत्यभान को कई बार समझाया था, लेकिन वह मान ही नहीं रहा था। बुधवार को तो हाथापाई ही शुरू कर दी। घर के सामने उसको पीटा जा रहा था, ऐसे में वह क्या करता।



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