प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को संतुलित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादला प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। 8 जून से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में पहले प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे, जबकि बाद में रिक्त पदों के अनुसार स्वैच्छिक तबादलों का मौका दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और 15 जुलाई तक चलेगी।

शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों पर फोकस

नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना है जहां पद खाली हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में जरूरत से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, वहां से अतिशेष शिक्षकों को कमी वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा।

पहले प्रशासनिक, फिर पसंद के तबादले

विभागीय निर्देशों के अनुसार सबसे पहले प्रशासनिक स्थानांतरण किए जाएंगे। इसके बाद बची हुई रिक्तियों पर स्वैच्छिक तबादलों की प्रक्रिया शुरू होगी। अंतर्जिला, संभागीय और राज्य स्तर के तबादलों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है और आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।

सत्र के बीच भी बदले जा सकेंगे अतिशेष शिक्षक

छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग ने अतिशेष शिक्षकों के स्थानांतरण को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान संभव रखा है। जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग के माध्यम से भी पदस्थापना बदली जा सकेगी। काउंसलिंग में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों के तबादले प्रशासनिक आधार पर किए जाएंगे।

सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारियों को राहत

नई नीति में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक तबादले से छूट दी गई है जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम समय बचा है। वहीं गंभीर बीमारी, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और अन्य विशेष परिस्थितियों वाले मामलों में गृह जिले या सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना को प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है।

आदेश के बाद वेतन और जॉइनिंग पर सख्ती

विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद पुराने संस्थान से वेतन आहरित नहीं किया जा सकेगा। समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने या आदेशों की अवहेलना करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें-तीसरी सीट पर भाजपा का प्रत्याशी उतारने का फिलहाल कोई विचार नहीं; प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल बोलें

ई-अटेंडेंस की शर्त पर विवाद

नई तबादला नीति में स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ई-अटेंडेंस को आधार बनाए जाने पर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे कई शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने इस शर्त को हटाने की मांग की है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *