ग्वालियर कलेक्ट्रेट की नकल शाखा में तहसीलदार और कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। कर्मचारी ने अभद्रता और धमकी के आरोप लगाए, जबकि तहसीलदार ने रिकॉर्ड गड़बड …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 20 May 2026 11:17:07 AM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 01:14:30 PM (IST)

रिकॉर्ड गायब होने पर नकल शाखा में हंगामा, कर्मचारी बोला- तहसीलदार ने कॉलर पकड़कर दी धमकी
लश्कर तहसीलदार और कर्मचारी के बीच विवाद। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. नकल शाखा में तहसीलदार और कर्मचारी के बीच तीखा विवाद हुआ।
  2. कर्मचारी ने कालर पकड़ने और धमकी देने का आरोप लगाया।
  3. तहसीलदार ने रिकॉर्ड गायब होने पर कार्रवाई प्रस्तावित होने की बात कही।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कलेक्ट्रेट की नकल शाखा में मंगलवार दोपहर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब लश्कर तहसीलदार एवं प्रभारी नकल शाखा मनीष कुमार जैन और शाखा में पदस्थ कर्मचारी वीरेंद्र कुशवाह के बीच तीखी बहस हो गई।

कर्मचारी ने तहसीलदार पर अभद्रता, कालर पकड़ने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं तहसीलदार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कर्मचारी के खिलाफ पहले से कार्रवाई प्रस्तावित है, इसलिए वह दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है। मामला कलेक्टर तक पहुंच गया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है।

नकल शाखा में हुआ विवाद

घटना मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे की बताई जा रही है। कर्मचारी वीरेंद्र कुशवाह के अनुसार वह नकल शाखा में फोटो कॉपी का कार्य कर रहा था। इसी दौरान प्रभारी तहसीलदार मनीष कुमार जैन वहां पहुंचे और बिना किसी कारण उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। वीरेंद्र का आरोप है कि तहसीलदार ने उसका कालर पकड़ लिया और धमकाते हुए जान से मारने की बात कही। घटना के समय वहां अन्य कर्मचारी और पटवारी भी मौजूद थे।

कर्मचारी ने की शिकायत

विवाद के बाद कर्मचारी वीरेंद्र कुशवाह ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की। मामला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचने पर शाखा के अन्य कर्मचारियों को भी बुलाकर जानकारी ली गई। शिकायत में वीरेंद्र ने कहा कि नकल शाखा प्रभारी ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया।

कोर्ट में पेश नकल गायब होने पर विवाद

तहसीलदार मनीष कुमार जैन के अनुसार विवाद की मुख्य वजह एक पुराने प्रकरण की नकल गायब होना है। उन्होंने बताया कि आरसीएसए प्रकरण ‘मप्र शासन बनाम धर्मवीर सिंह’ में कोर्ट द्वारा मूल रिकॉर्ड मांगा गया था। इस प्रकरण की नकल पहले कोर्ट में पेश की जा चुकी थी, लेकिन छह माह बाद दोबारा नकल मांगे जाने पर रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। कोर्ट की ओर से इस संबंध में तीन बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है।

बाहरी व्यक्ति को रिकॉर्ड रूम में प्रवेश देने का आरोप

तहसीलदार ने कहा कि कर्मचारी वीरेंद्र कुशवाह ने एक बाहरी व्यक्ति को रिकॉर्ड रूम तक प्रवेश दिया था, जिसे उन्होंने स्वयं देखा और बाहर निकलने के निर्देश दिए। इसी मामले में कर्मचारी और पूर्व नाजिर सतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। तहसीलदार का कहना है कि कार्रवाई से बचने के लिए ही उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।



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