भोपाल क्राइम ब्रांच ने कोलार क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से देवास ले जाई जा रही 170 किलो 90 ग्राम गांजे की खेप जब्त की है। तस्करों ने गांजे को एल्युमीनियम सिल्लियों के बीच इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना मुश्किल था। पुलिस ने गांजा, आयशर ट्रक और एल्युमीनियम सिल्लियां जब्त कर ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है। जब्त मसरूका की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार, आयशर ट्रक उड़ीसा से नाल्को कंपनी की एल्युमीनियम सिल्लियां लेकर देवास जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रक में गांजे की बड़ी खेप छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने जिले की सीमा पर निगरानी बढ़ा दी और कोलार रोड स्थित गोल जोड़ तिराहे पर घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया।

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जांच के दौरान ट्रक में लदी 396 एल्युमीनियम सिल्लियों के बीच छिपाई गई छह बोरियों से 170 किलो 90 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, चालक पुलिस की नजरों से बचने के लिए मंडीदीप से भोपाल शहर में प्रवेश करने के बजाय कोलार रोड के रास्ते सीधे देवास जाने की कोशिश कर रहा था।

गिरफ्तार चालक की पहचान देवास जिले की सतवास तहसील के ग्राम हथवास निवासी 23 वर्षीय आनंद बैरागी के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि उसका चाचा संतोष बैरागी इस तस्करी का मुख्य संचालक है। संतोष फिलहाल फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

प्रारंभिक जांच में संतोष बैरागी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह कब से गांजा तस्करी के नेटवर्क का संचालन कर रहा था, देवास के अलावा किन-किन शहरों में सप्लाई करता था और उसके गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को इस मामले में एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है।



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