इंदौर में अपने बेटे की मौत का सदमा मां सहन नहीं कर सकी और कुछ ही घंटों बाद उन्होंने भी दुनिया छोड़ दी। दोनों का रिश्ता इतना अटूट था कि उसे मौत भी न तोड़ सकी। अब दोनों की आँखें अंधेरे में डूबी दो ज़िंदगियों को रोशनी देंगी।

इंदौर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ अपार्टमेंट में रहने वाले राजुल शर्मा की घर पर ही मौत हो गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मां किरण शर्मा अपनी बेटी के घर पर थीं। परिजनों ने उन्हें फोन कर अपार्टमेंट आने के लिए कहा, लेकिन उन्हें उनके बेटे की मौत की खबर नहीं दी। किरण जब फ्लैट पहुँचीं तो बेटे राजुल के शव को देखकर सदमा सहन नहीं कर सकीं।

 

उन्होंने बेटे के सिर पर हाथ फेरा और फिर खुद बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजनों को लगा कि वे सदमे के कारण बेहोश हो गई हैं। जब काफी देर तक उन्होंने आँख नहीं खोली तो परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया, लेकिन तब तक वे अपने बेटे के वियोग में दुनिया से विदा ले चुकी थीं,लेकिन दोनों की आंखे अब दूसरों की जिंदगी आसान बनाएगी। 

 

फिर एक ही घर से दो अर्थियाँ उठीं और मां-बेटे का यह अटूट रिश्ता जीवन की अंतिम यात्रा तक साथ रहा। यह घटना जिसने भी सुनी, उसकी आँखें नम हो गईं। परिवार ने मानवता की सेवा के भाव से दोनों का नेत्रदान कराया। उनकी आँखें अब दो लोगों की ज़िंदगी में उजाला करेंगी। 



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