राजधानी भोपाल के गैस राहत क्षेत्रों में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई इलाकों में लोगों को 3 से 4 दिन बाद पानी मिल रहा है, वह भी इतना गंदा कि रहवासी उसे नाली मिला पानी बता रहे हैं। हालात यह हैं कि यूनियन कार्बाइड से प्रभावित इलाकों के लोग अब साफ पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। रहवासियों का आरोप है कि शिव नगर, सुंदर नगर, ब्लू मून कॉलोनी, अटल आयूब नगर, नवाब कॉलोनी और कल्याण नगर समेत कई क्षेत्रों में पाइप लाइनें फूटी हुई हैं, जिससे नालियों का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। कई घरों में बदबूदार और मटमैला पानी पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जहरीला भूजल पीते थे, अब गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

बच्चों में फोड़े-फुंसियां, इन्फेक्शन की शिकायतें
स्थानीय लोगों के मुताबिक गंदे पानी के कारण बच्चों में फोड़े-फुंसियां, स्किन इन्फेक्शन और अन्य बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। भीषण गर्मी में साफ पानी नहीं मिलने से परिवारों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। महिलाएं घंटों लाइन में लगकर पानी भरने को मजबूर हैं।
यह भी पढ़ें-त्विषा की सास गिरिबाला के घर पहुंची CBI, ससुरालजन व मायके वालों से की बात; जल्द खुलेगा राज
भूजल पहले से प्रदूषित, अब सप्लाई भी बेहाल
गैस राहत क्षेत्र के कई मोहल्लों में ट्यूबवेल और बोरवेल पहले ही बंद हैं, क्योंकि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के कारण भूजल प्रदूषित माना जाता है। ऐसे में इन इलाकों के लोगों को नर्मदा का साफ पानी उपलब्ध कराने का वादा किया गया था, लेकिन अब वही सप्लाई सवालों के घेरे में है। रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम में लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। अमृत योजना के तहत सीवेज और पानी की लाइन सुधारने की बात कही गई थी, लेकिन अब लोगों को अमृत-2 का इंतजार करने को कहा जा रहा है।
यह भी पढ़ें-मध्यप्रदेश में हीट अटैक, 45 शहरों में लू का अलर्ट, 28 मई से प्री-मानसून एक्टिव होने के संकेत
कलेक्टर के आदेश के बाद भी नहीं सुधरे हालात
एक दिन पहले ही भोपाल कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि शहर में पानी की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। इसके बावजूद गैस राहत क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं। वहीं शहर की कई झुग्गी बस्तियों में भी पानी संकट गहरा गया है। कहीं दो दिन में टैंकर पहुंच रहे हैं तो कहीं लोगों को दोपहर की तेज गर्मी में लाइन लगाकर पानी भरना पड़ रहा है। नौतपा की तपिश में राजधानी का जल संकट अब लोगों के सब्र का बांध तोड़ रहा है।