मानसून की दस्तक से पहले भोपाल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित बाढ़, जलभराव और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी विभागों की संयुक्त बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मानसून शुरू होने से पहले हर विभाग अपनी तैयारी पूरी कर ले, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
संवेदनशील इलाकों की होगी निगरानी, राहत शिविर पहले से तैयार
कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील इलाकों की पहचान कर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही संभावित राहत शिविरों का चिन्हांकन, पेयजल, बिजली, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
बाढ़ से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का गठन कर हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में नागरिक 0755-2540220, 0755-2701401 और 0755-2542222 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड को विशेष जिम्मेदारी
बैठक में पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ को बाढ़ राहत सामग्री, मोटर बोट, प्रशिक्षित अमले और तैराकों की सूची तैयार रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला कंट्रोल कमांड सेंटर के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
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नालों की सफाई और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड
नगर निगम और नगर पालिका बैरसिया को मानसून से पहले नालों की सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों की सूची तैयार कर जोखिम वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा गया है। खनिज विभाग को भी खदानों और गहरे जलाशयों के आसपास फेंसिंग और चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान हादसों को रोका जा सके। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि आपात स्थिति में राहत कार्यों को तेज करने के लिए सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और समाजसेवियों की सूची तैयार कर उनके साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
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मानसून से पहले तैयारी पूरी करने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि उद्देश्य केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थिति बनने से पहले ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। जिला और अनुविभागीय स्तर पर प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और एसडीआरएफ के कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए जाएंगे।
