राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में महिलाओं के सशक्तिकरण की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की टॉपर छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शासन के सूत्र बहनों के हाथ में आते हैं, तो कार्य तेजी और बेहतर तरीके से पूरे होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्यप्रदेश लगातार सशक्त हो रहे हैं। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिनमें तीन तलाक से मुक्ति और महिला आरक्षण जैसे कदम शामिल हैं।

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16 को एक साथ मनेगी होली-दीवाली 

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की धरती है, जहां महिलाओं ने हमेशा नेतृत्व और सुशासन के उदाहरण पेश किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और आने वाले समय में विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 16 अप्रैल को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में पूरे प्रदेश में होली और दीवाली जैसे उत्सव एक साथ मनाए जाएंगे।

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महिलाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचार यात्रा है, जो महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से महिलाओं को राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त नेतृत्व का अवसर मिलेगा और उनकी भागीदारी बढ़ेगी। कार्यक्रम में शिक्षाविदों और वक्ताओं ने भी महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का रूप माना गया है और वह परिवार व समाज की आधारशिला होती है। इस सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, भागीदारी और सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया।



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