मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। अनुभव प्रमाण पत्र और सत्यापन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों से अतिथि शिक्षक परेशान हैं। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से सत्यापन की तारीख बढ़ाने और पोर्टल की समस्याएं तुरंत दूर करने की मांग की है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि प्रदेशभर से अतिथि शिक्षक भीषण गर्मी में सत्यापन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे, तो कहीं पोर्टल तकनीकी खामियों के कारण काम नहीं कर रहा। इससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।

संकुलों में हो रहा दुर्व्यवहार

समिति ने आरोप लगाया कि दूरदराज से पहुंचे अतिथि शिक्षकों को कई संकुल केंद्रों पर परेशान किया जा रहा है। कुछ जगहों से दुर्व्यवहार और सहयोग नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। संगठन ने संकुल प्राचार्यों से अपील की है कि वे शिक्षकों की समस्याओं को समझें और मानवीय व्यवहार करें। प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने मांग की है कि अतिथि शिक्षकों की 1 जून से यथावत जॉइनिंग कराई जाए, ताकि स्कूलों में समय पर पढ़ाई शुरू हो सके और बच्चों का कोर्स प्रभावित न हो।

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अनुभव का पूरा लाभ मिले

समिति ने स्कोर कार्ड में सेवाकाल के अनुसार अनुभव अंक जोड़ने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी अतिथि शिक्षकों को भर्ती और रिक्त पदों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। समिति ने दावा किया कि सीधी भर्ती, प्रमोशन, ट्रांसफर और सरकारी नीतियों के कारण हजारों अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो चुके हैं। ऐसे में सरकार को उनके साथ न्याय करना चाहिए।

 



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