मेरी पत्नी को बंधक बना लिया है यह कहकर हाईकोर्ट पहुंचे पति की हैबियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका के मामले में जब पुलिस ने कोर्ट में पत्नी को पे …और पढ़ें

HighLights
- गिरजाशंकर ने पत्नी को बंधक बनाने का झूठा आरोप लगाकर लगाई थी हाईकोर्ट में गुहार
- कोर्ट में पत्नी ने पति के साथ जाने से किया इनकार, देवर के साथ रहने की जताई इच्छा
- देवर की पत्नी ने भी चौंकाया, जेठ (याचिकाकर्ता) के साथ शादी करने की बात कही
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मेरी पत्नी को बंधक बना लिया है यह कहकर हाईकोर्ट पहुंचे पति की हैबियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका के मामले में जब पुलिस ने कोर्ट में पत्नी को पेश किया तो वह बोली- मैं देवर के साथ रहूंगी। इतना ही नहीं देवर की बीवी बोली- मैं जेठ से शादी करूंगी। मामला सुनकर जज भी हैरान हो गए। हाईकोर्ट ने फटकार लगाकर याचिका खारिज की, 1000 रुपए जुर्माना ठोका। दरअसल यह एक जटिल पारिवारिक विवाद निकलकर सामने आया। गिरजाशंकर गौड़ ने हाईकोर्ट में कहा था कि मेरी पत्नी को बंधक बना रखा है, वापस दिलाया जाए।
देवर के साथ पत्नी और जेठ के साथ रहने को तैयार देवरानी
पत्नी कोर्ट में आई और बोली कि मैं अपने देवर मयराम विश्वकर्मा के साथ रहना चाहती हूं। पहले ही तलाक की अर्जी लगा रखी है। उधर देवर मयराम की पत्नी शिवानी बोली कि मैं याचिकाकर्ता गिरजाशंकर यानी जेठ से शादी करना चाहती हूं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की बेंच के सामने ये अजीब केस आया तो कोर्ट के आदेश पर भिंड के मऊ थाने से एसआइ प्रवीन्द्र सिंह और महिला कांस्टेबल आंचल जादौन पत्नी को लेकर पहुंचे। पत्नी ने बंधक वाली बात से इनकार कर दिया।
