मध्य प्रदेश में हाई कोर्ट आदेश के बाद परिवहन चेक पोस्ट फिर शुरू होंगे। चेक प्वाइंट निष्क्रिय हो रहे हैं। नई पारदर्शी एसओपी बनाने पर विभाग काम कर रहा ह …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 30 Apr 2026 09:59:01 AM (IST)Updated Date: Thu, 30 Apr 2026 09:59:01 AM (IST)

मप्र में फिर खुलेंगे परिवहन चेक पोस्ट, हाई कोर्ट के आदेश से हलचल
परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट आदेश के बाद चेक पोस्ट दोबारा शुरू होंगे
  2. चेक प्वाइंट व्यवस्था अब धीरे-धीरे निष्क्रिय होती जा रही जुटा
  3. परिवहन विभाग नई पारदर्शी एसओपी तैयार करने में

वरुण शर्मा, नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में बंद पड़े परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

इस आदेश का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है, जहां चेक पोस्टों के स्थान पर संचालित चेक प्वाइंट धीरे-धीरे निष्क्रिय होते नजर आ रहे हैं। सरकार को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है, जिसके चलते परिवहन विभाग नई रणनीति और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने में जुट गया है।

हाई कोर्ट के आदेश का असर

हाई कोर्ट ने परिवहन चेक पोस्ट बंद करने के निर्णय पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि चेक पोस्ट बंद होने से ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। कोर्ट ने शासन के पक्ष को संतोषजनक नहीं माना और स्पष्ट निर्देश दिए कि चेक पोस्टों को पुनः शुरू किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।

चेक प्वाइंट व्यवस्था हो रही निष्क्रिय

जुलाई 2024 से चेक पोस्ट बंद होने के बाद उनकी जगह चेक प्वाइंट बनाए गए थे, लेकिन अब कोर्ट के आदेश के बाद इनकी उपयोगिता कम होती जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, चेक प्वाइंट का संचालन अब प्राथमिकता में नहीं है और निगरानी भी सीमित हो गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि पारंपरिक चेक पोस्ट व्यवस्था की वापसी लगभग तय है।

नई एसओपी पर फोकस

परिवहन विभाग अब पारदर्शी और प्रभावी एसओपी तैयार करने में जुटा है। पहले चेक पोस्ट संचालन के दौरान भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लगे थे, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई थी। इसी कारण इस बार नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई एसओपी में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल किए जाएंगे।

सरकार और अधिकारियों की तैयारी

  • फिलहाल सरकार विधि विशेषज्ञों से परामर्श ले रही है, ताकि कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन किया जा सके। हालांकि आधिकारिक निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आगामी 30 दिनों में उच्च स्तरीय बैठकों के जरिए पूरी रूपरेखा तय की जाएगी।
  • कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें चेक पोस्टों की वापसी और नई पारदर्शी प्रणाली लागू करने पर जोर रहेगा।



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