नईदुनिया ने हाल में यात्री बसों में असुरक्षित सफर को लेकर मुद्दा उठाया जिसके बाद परिवहन विभाग हरकत में आया और मैदानी कार्रवाई शुरू की। …और पढ़ें

HighLights
- मप्र में हो रही बसों में आग लगने की घटनाओं के बाद अलर्ट
- 12 बसों पर लगा एक लाख रूपये से अधिक का जुर्माना
- बसों में अलग-अलग तरह की मनमानी मिलीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश में लगातार हो रही बसों में आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने यात्री बसों की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को ग्वालियर में विक्की फैक्ट्री तिराहा पर बसों की जांच का अभियान चलाया गया जिसमें 62 बसों को जांचा गया।
अधिकांश स्लीपर बसों की जांच हुई जिसमें 12 बसों में अलग-अलग तरह की खामियां सामने आईं। तीन बसों में छोटे अग्निशमन यंत्र जिसमें कई एक किलो के, कुछ बसों में गडबड़ स्लाइड गेट व तीन से चार बसों में प्रवेश द्वार की गडबड़ मिली। 12 बसों पर कार्रवाई कर एक लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। नईदुनिया ने हाल में यात्री बसों में असुरक्षित सफर को लेकर मुद्दा उठाया जिसके बाद परिवहन विभाग हरकत में आया और मैदानी कार्रवाई शुरू की।
आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि विक्की फैक्ट्री तिराहा पर बसों की जांच की गई जिसमें अलग अलग बिंदुओं को देखा गया। स्लीपर बसों में यह भी देखने में आया कि चालक अपने केबिन के गेटों को पूरी तरह बंद कर लेते हैं जिससे यात्रियों से संपर्क नहीं होता है, ऐसी बसों के स्टाफ को चेताया गया कि गेटों को इस तरह बंद नहीं किया जाना है वरना कार्रवाई होगी। इसके साथ ही कुछ बसों के प्रवेश द्वार आसानी से नहीं खुल रहे थे। बसों की क्षमता के आधार पर आग बुझाने के यंत्र हल्के तरह के भी मिले। बसों में अलग-अलग तरह की मनमानी मिलीं हैं। आरटीओ ने बताया कि बसों का जांच अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।
बसों में मनमानी के नियम, वायरिंग सबसे बड़ा सिरदर्द
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बसों में संचालकों द्वारा मनमानी से सुविधाएं बढ़ाने के चक्कर में बदलाव कर दिया जाता है। सोमवार को अधिकतर बसों में यह स्थिति थी कि नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। बसों में वायरिंग सबसे ज्यादा की जा रही है जिसके कारण शार्ट सर्किट की आशंका है। जबलपुर हाई कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान बसों के गेटों को लेकर सख्त आदेश दिए हैं।
यात्री बसों में दो गेट प्रवेश व निकास और एक आपातकालीन निकास बस के अंदर होना चाहिए। इसी आदेश के परिपालन में परिवहन आयुक्त ने सभी आरटीए को इसके पालन को लेकर आदेश जारी किए हैं। इन मानकों का पालन न करने वाली यात्री बसों के परमिट और फिटनेस निरस्त करने के आदेश भी दिए गए हैं। ग्वालियर में अब सभी बस आपरेटरों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है जिसमें वह अपनी बसों को परिवहन कार्यालय में जांच कराएंगे और अगर आगे मानकों का पालन नहीं पाया गया तो फिटनेस व परमिट निरस्त करने का दावा अफसरों ने किया है।
