ग्वालियर में विक्की यादव के कथित अपहरण और गोलीकांड मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस को सीसीटीवी में आरोपी और विक्की साथ जाते दिखे, जिससे जांच में संदे …और पढ़ें

HighLights
- पुलिस ने अपहरण और हत्या प्रयास की एफआईआर दर्ज।
- विक्की और छोटू पहले जेल में अच्छे दोस्त थे।
- साझेदारी विवाद के बाद दोनों के रिश्ते बिगड़े।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बहोड़ापुर में विनय नगर स्थित पुलिस चौकी के सामने से शनिवार-रविवार रात एक बजे विक्की यादव का अपहरण करने वाले आरोपी छोटू कमरिया और उसके साथी अब तक फरार हैं। पुलिस ने इस मामले में अपहरण और हत्या के प्रयास की एफआइआर दर्ज कर ली है। इसमें एक और नई कहानी सामने आई है। पहले विक्की और छोटू अच्छे दोस्त थे।
कोटेश्वर कॉलोनी का रहने वाला विक्की यादव अपने दोस्त अंकित सोनी का जन्मदिन मना रहा था। यह लोग विनय नगर पुलिस चौकी के बाहर खड़े थे। इसी दौरान बदमाश छोटू कमरिया और उसके साथी आ गए। इन लोगों ने विक्की यादव को घेर लिया। शराब पिलाने की बात कही। उसके बाद रुपये मांगने लगे।
विक्की ने बताया कि इन लोगों ने अगवा किया। अपनी औरा कार में उसे डालकर ले गए। रास्ते में मारपीट की फिर पैर में गोली मारकर भाग गए। विक्की के बयान के आधार पर बहोड़ापुर थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है।
जेल में दोस्ती, फिर हुई दुश्मनी
विक्की यादव हत्या के प्रयास के मामले में जेल गया था। वहां छोटू कमरिया भी बंद था। दोनों की दोस्ती हुई। फिर डिस्क के धंधे में साझेदार न बनाने पर दुश्मनी हो गई।
गोली के एंगल को लेकर संदेह
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो इसमें विक्की और छोटू कमरिया बात करते नजर आए। दोनों आराम से गाड़ी में बैठ रहे थे। फिर विक्की ने गोली मारने की बात कही। पुलिस गोली के एंगल को लेकर भी संदेह की स्थिति में है, हालांकि गोली लगने की पुष्टि डॉक्टरों ने भी की है।
