समय रहते बीमारी की पहचान होने से 22 वर्षीय तालिब का उपचार शुरू कर दिया गया। जिससे उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। …और पढ़ें

HighLights
- सावधान! शहर में स्क्रब टाइफस की दस्तक
- मल्टी आर्गन फेलियर का शिकार होकर पहुंचा था अस्पताल
- तेज बुखार को न लें हल्के में
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में जानलेवा बीमारी स्क्रब टाइफस का पहला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल मुरार में भर्ती एक 22 वर्षीय युवक में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। समय रहते बीमारी की पहचान होने से युवक का उपचार शुरू कर दिया गया। जिससे उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
मुरार तिकोनिया का रहने वाला है तालिब
मुरार तिकोनिया निवासी 22 वर्षीय तालिब को पिछले दिनों तेज बुखार और असहनीय सिर दर्द की शिकायत के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां स्वास्थ्य में आराम नहीं मिलने पर स्वजन उसे जिला अस्पताल मुरार लेकर पहुंचे थे। यहां उसे मेडिसिन आइसीयू में भर्ती कराया गया। शुरुआती लक्षणों के बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और वह मल्टी आर्गन फेलियर (शरीर के कई अंगों का काम बंद करना) की स्थिति में पहुंच गया।
मेडिसिन विशेषज्ञ की सूझबूझ से हुई पहचान
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिसिन विशेषज्ञ डा. मुकेश सिंह तोमर ने लक्षणों का बारीकी से अध्ययन किया। निजी अस्पताल में हुई जांच में स्क्रब टाइफस की पुष्टि होने पर डा. तोमर ने उपचार शुरू किया। डा. तोमर के अनुसार इस तरह का यह पहला मामला सामने आया है।
सावधानी ही बचाव है…
चिकित्सक ने सलाह दी है कि यदि किसी को तेज बुखार के साथ शरीर पर चतत्ते या अंग कार्य करने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। घास वाले क्षेत्रों में जाते समय शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनें। समय पर एंटीबायोटिक उपचार मिलने से इस जानलेवा बीमारी को मात दी जा
सकती है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर बोले-
मरीज जब अस्पताल आया तो उसकी स्थिति काफी नाजुक थी। स्क्रब टाइफस एक ऐसी बीमारी है जिसे अक्सर लोग सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह सीधे लिवर और किडनी पर हमला करती है। -डॉ. मुकेश सिंह तोमर, मेडिसिन विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
