राजधानी भोपाल के चूनाभट्टी में एक युवक की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। 38 वर्षीय कमलेश यादव का शव पेड़ से लटका मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का सामने आया है, लेकिन मृतक द्वारा सुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले पड़ोस के बच्चों के साथ हुए एक मामूली विवाद के बाद मामला थाने तक पहुंचा था। पुलिस ने कमलेश यादव के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 151 के तहत उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बाद में जमानत पर रिहा होने के अगले ही दिन उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या से तीन दिन पहले रिकॉर्ड किया था वीडियो
बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले कमलेश ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने पुलिस पर झूठी कार्रवाई और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। वीडियो में उसने कहा कि समाज में हुई बदनामी और अपमान के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और इसी वजह से यह कदम उठा रहा है।
पुलिस की चुप्पी से उठे सवाल
घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों और स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। संभावित विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम की आशंका को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है और मर्ग जांच शुरू कर दी गई है।
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परिजनों ने लगाया झूठा केस दर्ज करने का आरोप
मृतक के परिवार का आरोप है कि कमलेश यादव को बेवजह एक मामले में फंसाया गया था। उनका कहना है कि पुलिस की सख्ती और सामाजिक बदनामी से आहत होकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिवार ने सुसाइड से पहले बनाया गया वीडियो पुलिस को सौंप दिया है, जिसे जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
