इंदौर के चाणक्यपुरी चौराहे पर आज दोपहर में लगे ट्रैफिक जाम ने अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए। यहां नर्मदा और अवंतिका गैस लाइन डालने के उद्देश्य से की गई सड़क खुदाई पिछले 15 दिनों से आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। गुरुवार सुबह स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वाहन चालकों को एक से डेढ़ से दो घंटे तक रेंगना पड़ा। इस भारी जाम के कारण स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए और कई बसें समय पर स्कूल नहीं पहुंच सकीं। ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों की भारी भीड़ के बीच लोग घंटों फंसे रहे।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर संभाला मोर्चा

जाम की गंभीरता को देखते हुए जोन-4 के डीसीपी आनंद कल्यादगी, एसीपी शिवेंद्र जोशी और अन्य ट्रैफिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू रूप से शुरू करवाया जा सका। पुलिस ने इस दौरान मौके पर मौजूद ठेकेदार से खुदाई और उससे संबंधित अनुमति के दस्तावेजों की मांग की।

बिना अनुमति खुदाई पर होगी एफआईआर

अन्नपूर्णा पुलिस ठेकेदार को पूछताछ के लिए थाने ले गई। एडिशनल डीसीपी संतोष कौल के मुताबिक अवंतिका गैस एजेंसी ने पाइप लाइन विस्तार के लिए पूरे चौराहे को खोदकर छोड़ दिया। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस कार्य के लिए वैध अनुमति ली गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि अनुमति नहीं पाई गई, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

अव्यवस्थित खुदाई से शहरवासी परेशान

राजेंद्र नगर ब्रिज से तालाब क्षेत्र और केसरबाग ब्रिज से गोपुर चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। अन्नपूर्णा रोड पर क्रोमा शोरूम से हनुमान मंदिर तक सड़क की स्थिति जर्जर है और गणेश मंदिर के पास बीच सड़क पर बड़ा गड्ढा हादसे को न्योता दे रहा है। खुदाई के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन या किसी वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।

चेतावनी के बाद भी एजेंसी की लापरवाही

ट्रैफिक एसीपी जगदीश पाटिल ने करीब 15 दिन पहले ही अवंतिका गैस कंपनी को इस संभावित जाम और समस्या के प्रति सचेत किया था। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा या यातायात प्रबंधन के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। सुबह और शाम के समय जब वाहनों का दबाव सबसे अधिक होता है, तब यह खुदाई लोगों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो रही है।



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