सुमेरु पीठ के शंकराचार्य नरेंद्राचार्य महाराज ने उज्जैन में अमर उजाला से विशेष चर्चा करते हुए कहा भोजशाला के निर्णय की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ऐतिहासिक है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि उज्जैन की बिना नीव की मस्जिद की जांच भी मशीनों से होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके। शंकराचार्य जी ने कहा कि अगर इस स्थान पर भगवान शिव का मंदिर है तो यह स्थान पूजन पाठ के लिए दे देना चाहिए और यहां से मजार और अन्य स्थान को हटाना चाहिए। कुंभ क्षेत्र में सनातनियों के अतिरिक्त दूसरों को यहां नहीं रहना चाहिए।
शंकराचार्य जी ने मंदिरों के सरकारीकरण पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मंदिरों का सरकारीकरण होना गलत है। हिन्दू मंदिरों की व्यवस्था सरकार के पास है, लेकिन मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों की व्यवस्था सरकार के पास क्यों नहीं है? यह एक बड़ा सवाल है। शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री के सोना न खरीदने के निर्णय की भी सराहना की। उन्होंने कहा स्वदेशी अपनाइए, विदेशी समान खरीदने से यही पैसा हमारे खिलाफ आतंक में काम आता है। आज के समय में अमेरिका की लगभग 2800 कंपनियों के प्रोडक्ट मार्केट में हैं और इन प्रोडक्ट के विक्रय से जो राशि मिलती है। उसे अमेरिका मानवता के नाम पर पाकिस्तान को देता है और फिर पाकिस्तान रूपों का उपयोग हनी पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए करता है।
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शंकराचार्य जी ने कहा कि इसलिए अच्छी बात यह है कि देश हित में स्वदेशी का उपयोग करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश हित और राष्ट्रीय हित के लिए कार्य कर रहे हैं। शंकराचार्य जी ने सिंहस्थ के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, सिंहस्थ को लेकर जो भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, अब काफी अच्छे हो रहे हैं और इसका लाभ बड़ी संख्या में शहरवासियो को मिलेगा।

सुमेरु पीठ के शंकराचार्य नरेंद्राचार्य महाराज
