मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में अनुसूचित जाति आयोग, जनजाति आयोग समेत कई निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियां की हैं, लेकिन राज्य महिला आयोग और राज्य बाल संरक्षण आयोग की नियुक्तियों पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। मंगलवार को विंध्य डेवलपमेंट अथॉरिटी का अध्यक्ष पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को बनाया है। वहीं, वहीं अजय सिंह और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने आदेश जारी किर दिए। पंचूलाल प्रजापति की नियुक्ति राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पिछले चुनाव में मनवगां सीट से उनका टिकट काटकर नरेंद्र प्रजापति को दिया गया था।
ये भी पढ़ें- MP कैबिनेट बैठक: प्रदेश के 38,901 आंगनवाड़ी भवन होंगे ‘रोशन’, विकास कार्यों के लिए 26,800 करोड़ की मंजूरी
सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक रेखा यादव का नाम राज्य महिला आयोग अध्यक्ष के लिए लगभग तय माना जा रहा था, जबकि डॉ. निवेदिता शर्मा को राज्य बाल संरक्षण आयोग की कमान मिलने की चर्चा थी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्तर पर इन नामों पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन देर शाम तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं हो सके। चर्चा है कि मामला केवल अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं है। स्थानीय नेताओं ने इनके नाम पर असहमति जताई है। इसको लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लिखित आपत्ति जताई गई है। साथ ही दोनों आयोगों में सदस्यों के नामों को लेकर क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश चल रही है। महिला आयोग में सदस्य पदों के लिए भी कई नाम सामने आए हैं, जिन पर अंतिम मंथन जारी बताया जा रहा है। 2020 के बाद से आयोग में नियुक्तियां अटकी हुई थीं और पुराने मामलों के चलते सरकार बेहद सतर्क नजर आ रही है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार पुराने नामों पर ही अंतिम फैसला लेती है या फिर आखिरी वक्त में कोई नया चेहरा सामने आता है।
ये भी पढ़ें- MP News: सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, अब सिलेबस में पढ़ाई जाएगी राजा हिरदेशाह की जीवनगाथा, बनेगा तीर्थ स्थल