भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा और सरकार के बीच हुई अहम बैठक बेनतीजा रही। टीईटी परीक्षा और वरिष्ठता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्कूल शिक्षा मंत्री और लोक शिक्षण आयुक्त के साथ हुई वार्ता में कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की पहले चरण में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह से उनके निवास पर चर्चा हुई। इसके बाद दूसरे चरण में लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह, संचालक के.के. द्विवेदी और अन्य अधिकारियों के साथ संचालनालय में बैठक हुई। बावजूद इसके, किसी भी प्रमुख मांग पर सहमति नहीं बन पाई।

टीईटी आदेश रद्द करने और वरिष्ठता पर अड़ी मांग

मोर्चा ने 2 मार्च को जारी टीईटी परीक्षा आदेश को निरस्त करने और नए शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि पहली नियुक्ति तिथि से गिनने की मांग प्रमुखता से उठाई। हालांकि सरकार की ओर से इन दोनों मुद्दों पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं दिया गया।

सिर्फ आश्वासन, ठोस समय-सीमा नहीं

टीईटी मामले में अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि इस पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है और विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। लेकिन कब तक निर्णय होगा, इसकी कोई समय-सीमा तय नहीं की गई। साथ ही एक अलग सेल बनाने का आश्वासन दिया गया।

 


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अब सड़क पर उतरेगा मोर्चा

वार्ता विफल रहने के बाद मोर्चा ने बड़ा फैसला लिया है। 18 अप्रैल को भोपाल में प्रस्तावित “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” और धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को पहले की तरह आयोजित किया जाएगा। बैठक में मोर्चा के कई प्रमुख सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा।

 



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