महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह महिलाओं को अधिकार देने के बजाय संविधान की मूल भावना को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा देश की महिलाओं को अधिकार देना नहीं चाहिए थी बल्कि भारत के संविधान पर हमला करना चाहती थी।
महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा देश की महिलाओं को अधिकार देना नहीं चाहती थी बल्कि भारत के संविधान पर हमला करना चाहती थी।
कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है और पंचायत तथा नगर निकाय चुनाव में स्वर्गीय राजीव गांधी ने स्वयं महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की थी।…
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) April 17, 2026
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है और पंचायत तथा नगर निकाय चुनाव में स्वर्गीय राजीव गांधी ने स्वयं महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की थी। लेकिन भाजपा का इरादा महिलाओं को आरक्षण देने के बजाय ओबीसी, आएसटी और एसटी वर्ग के हितों पर चोट करना और गलत तरीक़े से परिसीमन कर दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत तथा छोटे राज्यों के साथ अन्याय करना था। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष को लामबंद किया और इस तरह के असंवैधानिक विधेयक को दो तिहाई बहुमत प्राप्त करने से रोक दिया। संविधान की रक्षा के इस महान कार्य के लिए देश की जनता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सभी सांसदों को हमेशा याद करेगी।
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