ग्वालियर में साइबर ठगी के दो मामलों में जालसाजों ने बैंक अधिकारी और जियो कर्मचारी बनकर दो पीड़ितों के खातों से करीब 9.5 लाख रुपये निकाल लिए, पुलिस जां …और पढ़ें

HighLights
- बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने खाते से लाखों रुपये उड़ाए।
- ओटीपी साझा किए बिना भी खाते से रकम निकाल ली।
- जियो फाइबर अपडेट के नाम पर भेजा गया फर्जी लिंक।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में साइबर ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से लाखों रुपये पार कर दिए। बदमाशों ने खुद को बैंक और जियो फाइबर कर्मचारी बताकर पीड़ितों को झांसे में लिया और उनके खातों से रकम निकाल ली।
इन घटनाओं ने एक बार फिर ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: बैंक अधिकारी बनकर ठगी
पहला मामला बीएसएफ कंपोजिट अस्पताल में पदस्थ उपनिरीक्षक शिरीष शुक्ला से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल की शाम वे सिटी सेंटर क्षेत्र में थे, तभी उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे। उन्होंने किसी के साथ ओटीपी साझा नहीं किया, फिर भी कुछ ही देर में उनके खाते से 7 लाख 12 हजार 510 रुपये निकल गए।
जांच में सामने आया कि जालसाजों ने किसी तकनीकी तरीके से उनके मोबाइल को हैक कर लिया था। घटना के बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और बैंक को सूचना देकर खाते को ब्लॉक कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला: जियो फाइबर अपडेट के नाम पर ठगी
दूसरा मामला महाराजपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां रिटायर्ड शिक्षक दिनेश कुमार हरदेवलिया साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनके पास एक कॉल आया, जिसमें सामने वाले ने खुद को जियो फाइबर कर्मचारी बताया और कहा कि उनका अकाउंट अपडेट करना है। इसके लिए एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही देर में उनके खाते से 2 लाख 45 हजार रुपये निकाल लिए गए।
पुलिस कर रही जांच, सावधानी जरूरी
दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
