भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क (जीएसपी) के प्लेसमेंट प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। संस्थान के 34 छात्रों को नौकरी दिलाने के लिए बंगलूरू भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि जिस पद के लिए भर्ती होनी थी, उसकी वैकेंसी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसके बाद छात्रों को बिना जॉइनिंग के वापस भोपाल लौटना पड़ा। अब उनको ग्लोबल स्किल पार्क के हॉस्टल में रखा गया है। जानकारी के अनुसार, ग्लोबल स्किल पार्क के 34 छात्र-छात्राओं का चयन बंगलूरू की श्नाइडर इलेक्ट्रिक कंपनी में हुआ था। इनकी ज्वाइनिंग 8 जून को होनी थी। इसके लिए पांच जून को बच्चे अपने-अपने साधनों से बंगलूरू 7 जून को पहुंचे। इसका मैनेजमेंट प्लेसमेंट एजेंसी विजन इंडिया द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, कंपनी पहुंचने पर छात्रों को बताया गया कि संबंधित पदों की वैकेंसी भर चुकी है और फिलहाल भर्ती नहीं की जा सकती। बताया जा रहा है कि विजन इंडिया ने छात्रों को इसके बाद चेन्नई स्थित श्नाइडर इलेक्ट्रिक की मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी में नौकरी का विकल्प दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, कुछ छात्रों को दूसरी कंपनी में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) का प्रस्ताव भी दिया गया, जिसे भी उन्होंने अस्वीकार कर दिया। स्थिति स्पष्ट नहीं होने और जॉइनिंग नहीं मिलने के कारण सभी छात्र 11 जून को वापस भोपाल लौट आए। इस दौरान रहने, खाने और यात्रा सहित अन्य खर्च छात्रों को स्वयं वहन करना पड़ा। छात्रों के अनुसार, प्रत्येक छात्र को लगभग 10 से 12 हजार रुपये तक का खर्च उठाना पड़ा।
