नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश के युवाओं में सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का जज्बा सिर चढ़कर बोल रहा है। इस बार अग्निवीर बनने के लिए ग्वालियर सहित प्रदेश के 10 जिलों के लिए एक से 12 जून तक चली लिखित परीक्षा में 41 हजार 303 अभ्यर्थी शामिल हुए। आमतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों का ग्राफ काफी बड़ा होता है, लेकिन इस परीक्षा में महज पांच हजार के करीब अभ्यर्थी ही अनुपस्थित रहे।

रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड और भर्ती की संभावनाएं

सेना भर्ती कार्यालय के मुताबिक परीक्षा के लिए 48,088 युवाओं ने पंजीयन कराया था, जिसमें कई युवाओं के पंजीयन कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के चलते रिजेक्ट कर दिए गए। 5532 युवा परीक्षा देने नहीं पहुंचे। 2024 में 832 पदों पर भर्ती हुई थी। 24 हजार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बार करीब 1800 पदों पर भर्ती होने की संभावना है।

जुलाई में परिणाम और अगस्त-सितंबर में शारीरिक परीक्षा

टीसीएस द्वारा जुलाई के आखिरी सप्ताह तक परीक्षा परिणाम सेना भर्ती कार्यालय को सौंपा जाएगा। इसके बाद अगस्त-सितंबर में सेना भर्ती कार्यालय द्वारा शारीरिक दक्षता परीक्षा कराई जाएगी। लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं का शारीरिक परीक्षण अक्टूबर में होगा।

जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, उसमें से करीब 70 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी भिंड, मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी के ही हैं। इसके अलावा दतिया, श्योपुर, सागर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़ के अभ्यर्थी शामिल हुए।

शारीरिक परीक्षा के लिए प्रशासन की अनुमति का इंतजार

ग्वालियर में शारीरिक परीक्षा कराने के लिए सेना द्वारा कलेक्टर को पत्र लिख दिया गया है। अभी प्रशासन की ओर से इस पर सहमति नहीं दी गई है। सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारियों का कहना है लिखित परीक्षा के मुकाबले शारीरिक परीक्षा में संख्या आधी होगी, जिसे आसानी से संपन्न कराया जा सकता है।

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अग्निवीर योजना के प्रति क्यों बढ़ रहा है युवाओं का रुझान?

योजना के शुरुआत में कुछ समय नकारात्मक माहौल बनने के बाद अब युवाओं में इसके प्रति रुझान बढ़ा है, क्योंकि अब अग्निवीर के तहत भर्ती एक साल में पूरी हो रही है। चार साल बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में लेने के प्रविधान के बाद एमपी पुलिस सहित केंद्र व राज्य सरकार की कई नौकरियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण से आगे की राह भी आसान बन रही है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड बेल्ट में सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ में जाने का क्रेज भी अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ा रहा है।



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