2022 में शहर में कुत्तों की नसंबंदी के लिए छत्तीसगढ़ की संस्था एनिमल केयर फाउंडेशन को नगर निगम द्वारा श्वानों की नसबंदी के लिए अनुबंध किया गया था। …और पढ़ें

HighLights
- छढ़ की संस्था के डॉक्टर ने दूसरे के नाम से जारी किए दस्तावेज़
- नोडल अधिकारी की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस का एक्शन
- धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज़ों का मामला दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में कुत्तों की नसबंदी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। छत्तीसगढ़ की एनिमल केयर फाउंडेशन के डॉक्टर रविरमक शर्मा ने डॉक्टर राघव पाराशर के नाम का उपयोग करते हुए शपथ जारी कर दिए। यह शपथ पत्र प्रत्येक कुत्ते की नसबंदी के बाद प्रस्तुत करना होता है। उसी जगह कुत्ते को छोड़ना पड़ता है। इस मामले में एबीसी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी केशव चौहान के शिकायती आवेदन पर पड़ाव थाना पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है। डॉक्टर रविरमन शर्मा पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में एफआईआर हुई है।
12 जून को एबीसी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी केशव सिंह चौहान द्वारा शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया। पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि शिकायती आवेदन की जांच के बाद देर रात एफआईआर दर्ज की गई।
ऐसे समझिये पूरा मामला
2022 में शहर में कुत्तों की नसंबंदी के लिए छत्तीसगढ़ की संस्था एनिमल केयर फाउंडेशन को नगर निगम द्वारा श्वानों की नसबंदी के लिए अनुबंध किया गया था। संस्था द्वारा एक मार्च 2022 से 30 अप्रैल 2022 के बीच 656 कुत्तों की नसबंदी के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए। संस्था ने ग्वालियर में डॉक्टर रविरमन शर्मा को शपथ प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत किया था। नियमानुसार नगर निगम सीमा के अंदर जितने भी कुत्ते की नसबंदी अनुबंध के तहत संस्था द्वारा की जानी थी, उन सभी को वहीं छोड़ना था।
इस संबंध में पशु चिकित्सक द्वारा शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना था। 656 कुत्तों की नसबंदी का दावा किया गया। 656 शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए। डॉक्टर रविरमन शर्मा ने अपने नाम से शपथ पत्र क्रय किए, लेकिन डा.राघव पाराशर के नाम से शपथ पत्र नगर निगम में जमा किए। इस संबंध में शिकायत की गई। शिकायत की जांच नगर निगम के अधिकारियों द्वारा की गई। जांच में इस फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद नोडल अधिकारी द्वारा शिकायती आवेदन दिया गया। आवेदन पर से डॉक्टर रविरमन शर्मा पर एफआईआर दर्ज हुई।
संस्था पर भी होगी नामजद
पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि इस मामले में आशंका है कि नसबंदी में फर्जीवाड़ा किया गया। इसलिए शपथ पत्र फर्जी ढंग से पेश किए गए। इसके लिए संस्था को भी एफआईआर में नामजद किया जाएगा।
