केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रायसेन जिले में गेहूं और चना उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान हमारे लिए भगवान समान हैं और उनकी उपज खरीदने में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के चार जिलों की समीक्षा बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने स्लॉट बुकिंग, बारदाने की उपलब्धता, खरीदी केंद्रों की संख्या और भुगतान व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश को गेहूं उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का श्रेय किसानों को जाता है और सरकार उन पर कोई एहसान नहीं कर रही, बल्कि उनके प्रति ऋणी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए और टीम भावना के साथ युद्धस्तर पर काम किया जाए। बैठक में सर्वेयरों को लेकर मिल रही शिकायतों पर भी चर्चा हुई। शिवराज ने कहा कि यदि किसी सर्वेयर के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
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विदिशा जिले की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यहां 81 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 45 हजार किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है। अब तक 1.17 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जबकि लक्ष्य 5 लाख मीट्रिक टन का है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने जरूरत पड़ने पर खरीदी केंद्र बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर समस्या आती है तो अधिकारी तुरंत समाधान करें। शिवराज ने कहा कि “मैं 24 घंटे उपलब्ध हूं, एक फोन कॉल पर किसानों के हित में हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
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