ग्वालियर में 17 वर्षीय छात्रा ने पढ़ाई के दबाव में पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में खुद को कमजोर बताते हुए परिवार से माफी …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 30 Apr 2026 10:30:37 AM (IST)Updated Date: Thu, 30 Apr 2026 11:06:24 AM (IST)

ITBP जवान की बेटी ने गोली मारकर दी जान, एक विषय में फेल हो गई थी; सुसाइड नोट में लिखा- अच्छी बेटी नहीं बन सकी
आइटीबीपी जवान की 17 वर्षीय बेटी ने की सुसाइड। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. छात्रा ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से आत्महत्या की
  2. 11वीं परीक्षा में सप्लीमेंट्री आने से थी परेशान
  3. सुसाइड नोट में खुद को कमजोर बताया और माफी मांगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के कटी घाटी इलाके में रहने वाले आइटीबीपी जवान की 17 वर्षीय बेटी ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह पढ़ाई में कमजोर थी। हाल ही में 11वीं का परिणाम आया था, जिसमें एक विषय में उसकी सप्लीमेंट्री आई थी। उसके बाद से वह गुमसुम रहने लगी थी। बुधवार को उसने यह कदम उठा लिया। छात्रा ने सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उसने लिखा- मैं अच्छी बेटी नहीं बन सकी।

बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के कटी घाटी इलाके में गिर्राजी मंदिर के पास रहने वाले श्यामसुंदर अहिरवार आइटीबीपी में हवलदार हैं। वह दिल्ली में पदस्थ हैं। यहां उनकी पत्नी, 17 वर्षीय बेटी ट्विंकल और 10 वर्षीय बेटा रहता है। बड़ी बेटी इंदौर में रहती है। ट्विंकल पढ़ाई में कमजोर थी। उसने इस साल 11वीं की परीक्षा दी थी।

परीक्षा परिणाम आया तो उसकी एक विषय में सप्लीमेंट्री आई। उस दिन वह बहुत रोई थी। परिजनों ने समझाया था कि आगे मेहनत करने से सब ठीक हो जाएगा। उसके बाद भी वह गुमसुम रहने लगी थी। बुधवार को वह जागी और अपने कमरे से बाहर आकर दूसरे कमरे में चली गई। यहां पिता की रिवाल्वर निकाली और सीने पर सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली की आवाज सुनकर परिजन दौड़कर पहुंचे। यहां वह खून से लथपथ पड़ी थी।

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पढ़ाई में कमजोर होने के कारण की आत्महत्या

परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ देर इलाज के बाद सांसें थम गईं। पुलिस को बुलाया गया। कमरे की तलाशी ली तो एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पढ़ाई में कमजोर होने के कारण आत्महत्या का जिक्र किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

सुसाइड नोट के अंश….

मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। मेरी सबसे प्यारी बहन, दीदी- मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। मैं आपके जैसी नहीं बन सकी। मुझे माफ करना। भाई को ढेर सारा प्यार। मम्मी-पापा मैं पढ़ाई में कमजोर हूं। इसलिए अच्छा परफार्मेंस नहीं कर पाई। मैं दीदी जैसी नहीं बन पाई। इसलिए मैं अपनी जान दे रही हूं।

– यह सुसाइड नोट के संपादित अंश हैं।



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