इंदौर में अब नगर निगम खतरनाक मकानों को तोड़ने का काम शुरू कर चुका है। बारिश में खतरनाक मकान हादसों की वजह बनते हैं और लोगों की जानें जाती हैं। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए नगर निगम के अफसर अभी से मकानों को तोड़ने का काम शुरू कर चुके हैं। नगर निगम की खतरनाक भवनों की सूची में डेढ़ सौ से ज्यादा मकान शामिल हैं, लेकिन ज्यादातर मामले कोर्ट में होने की वजह से उन्हें तोड़ने में नगर निगम को परेशानी आती है।

 

शनिवार सुबह नगर निगम की रिमूवल गैंग मुकेरीपुरा पहुंची। यहां मस्जिद के पास बने मकान को जेसीबी की मदद से तोड़ने का काम शुरू किया गया। मकान के ज्यादातर हिस्से जर्जर थे, उन्हें हटाने में ज्यादा परेशानी नहीं आई और डेढ़ घंटे में मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

सवा सौ साल पहले बना था

पांच हजार से ज्यादा वर्गफीट में बने इस मकान का निर्माण सवा सौ साल पहले हुआ था। ऊपरी मंजिल खतरनाक हो चुकी थी, इसलिए वहां कोई नहीं रहता था, लेकिन नीचे की दुकानों में कारोबार होता था। मकान की खतरनाक स्थिति को देखते हुए पिछले दिनों नगर निगम ने नोटिस दिया था। इसके बाद शनिवार सुबह अमला उसे हटाने पहुंचा। इंदौर में अन्य खतरनाक मकानों को भी नगर निगम ने चिन्हित किया है। आने वाले दिनों में उन्हें भी हटाया जाएगा।

 

इंदौर में पिछले साल रानीपुरा क्षेत्र में एक मकान गिर गया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, पांच साल पहले इंदौर के सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र में एक होटल भी गिर गई थी, जिसमें दस लोगों की मौत हो गई थी।

 



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