इंदौर के सबसे व्यस्ततम नवलखा चौराहे पर शुक्रवार को एक गंभीर घटनाक्रम सामने आया। यहां पर एक ट्रैक्टर चालक बेहद नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पहुंचा। वह ट्रैक्टर को सड़क पर लहराते हुए अग्रसेन चौराहे की तरफ से आ रहा था। ड्यूटी पर तैनात एएसआई अनिल चौहान और उनकी टीम ने जैसे ही ट्रैक्टर की अनियंत्रित गति देखी, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला और वाहन को बीच रास्ते में ही रुकवाया।
चालक और साथियों की स्थिति देख पुलिस दंग
पुलिस ने जब ट्रैक्टर रुकवाया तो नजारा हैरान करने वाला था। चालक इतनी अधिक शराब पिए हुए था कि वह सीट पर ठीक से बैठने की स्थिति में भी नहीं था। उसके साथ ट्रैक्टर पर सवार अन्य दो लोग भी पूरी तरह नशे में डूबे हुए थे। पुलिस ने जब ड्राइवर को नीचे उतारा, तो वह सड़क के डिवाइडर पर ही लेट गया। ट्रैफिक पुलिस की तत्परता ने एक बड़े संभावित हादसे को टाल दिया, अन्यथा भीड़भाड़ वाले इलाके में कोई भी अनहोनी हो सकती थी।
नगर निगम की नेमप्लेट की जांच कर रही पुलिस
जांच के दौरान ट्रैक्टर के अगले हिस्से पर एक प्लेट लगी पाई गई जिस पर इंदौर नगर निगम के जोन 12 के कार्य हेतु तैनात होने का जिक्र था। इस जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि क्या यह वाहन वास्तव में नगर निगम में अनुबंधित है। यदि यह वाहन सरकारी कार्य में संलग्न पाया जाता है, तो यह विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल ट्रैक्टर और चालक को भंवरकुआं पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
इससे पहले इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर नशे में धुत एक चालक ने भीड़ में ट्रक दौड़ा दिया था जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। ट्रैफिक पुलिस का चेकिंग अभियान भी इन दिनों नशेड़ियों को लगातार पकड़ रहा है।
