मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परिसर इंदौर में आज एमपीपीएससी कमांड कंट्रोल रूम का औपचारिक शुभारंभ संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश लाल मेहरा ने फीता काटकर इस अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोग की सचिव शीतला पटले, उप सचिव कीर्ति खुरासिया, आयोग के सदस्य नरेन्द्र कोष्ठी, डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी, परीक्षा नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार गुप्ता, ओएसडी डॉ. रविन्द्र पंचभई, निधि राजपूत, एनआईसी के निदेशक शैलेन्द्र नाहर और इनोवेटिव इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट दीपक द्विवेदी विशेष रूप से मौजूद रहे।
परीक्षा केंद्रों की हाईटेक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था होगी
उद्घाटन के पश्चात आयोग के अध्यक्ष राजेश लाल मेहरा ने कमांड कंट्रोल रूम का विस्तृत अवलोकन किया और इसकी कार्यक्षमता की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि इस कंट्रोल रूम की स्थापना से आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली आगामी सभी भर्ती प्रक्रियाओं को नई मजबूती मिलेगी। इसके माध्यम से परीक्षा के दौरान होने वाली कदाचरण की समस्याओं को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकेगा। इस कंट्रोल रूम में राज्य सेवा परीक्षा 2026 के लिए नवीन त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रक्रिया के तहत उन्नत प्रौद्योगिकी को समाहित किया गया है।
परसों होने वाली परीक्षा की निगरानी इसी केंद्र से होगी
नई व्यवस्था के अंतर्गत अभ्यर्थियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, सीसीटीवी वेबकास्टिंग के जरिए निरंतर निगरानी और अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर द्वारा महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों की अलग-अलग तलाशी की सुविधा शामिल की गई है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश के सभी 54 जिला मुख्यालय केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षाओं की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी भी केंद्र पर गड़बड़ी की आशंका या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो कंट्रोल रूम से सीधे केंद्राध्यक्षों से संवाद कर त्वरित समाधान निकाला जा सकेगा। आगामी 26 अप्रैल को होने वाली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा की निगरानी भी इसी केंद्र से की जाएगी। इससे एमपीपीएससी की पूरी व्यवस्था को फायदा होगा।