इंदौर की जनता को मेट्रो के सफर से जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से प्रायोरिटी कॉरिडोर तैयार किया गया था। प्रशासन को उम्मीद थी कि शहर के लोग उत्साह के साथ मेट्रो का स्वागत करेंगे, लेकिन शुरुआती दौर में यात्रियों का रुझान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इस ऑपरेशनल घाटे को कम करने और लोगों को मेट्रो की ओर आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स नाम से एक अनूठी पहल शुरू की है।

जन्मदिन के लिए आई पहली बुकिंग

इस नई योजना के तहत इंदौर मेट्रो को अपनी पहली बुकिंग प्राप्त हो गई है। रविवार के लिए मेट्रो कोच में जन्मदिन की पहली बुकिंग हुई। इस कार्यक्रम के लिए एक पूरा कोच एक घंटे के लिए आरक्षित किया गया है, जिसमें लगभग 50 मेहमान शामिल होंगे। यह विशेष ट्रेन गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 के बीच 6 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर संचालित की जाएगी।

प्री-वेडिंग शूट और पार्टियों के लिए खुला विकल्प

एमपीएमआरसीएल के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला के अनुसार, कमाई के अन्य स्रोत विकसित करने के लिए मेट्रो कोच को अब पार्टियों और प्री-वेडिंग शूट जैसे आयोजनों के लिए किराए पर दिया जा रहा है। इंदौर और भोपाल दोनों शहरों से इस सुविधा के लिए रोजाना औसतन तीन से चार लोग पूछताछ कर रहे हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आयोजकों को कार्यक्रम से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन करना होगा।

शराब, धूम्रपान प्रतिबंधित 

मेट्रो प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से कड़े नियम बनाए हैं। बुकिंग के दौरान प्रत्येक कोच के लिए 20 हजार रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। समारोह में शामिल होने वाले सभी मेहमानों की सुरक्षा जांच की जाएगी। मेट्रो परिसर के भीतर शराब, धूम्रपान और किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

17 किलोमीटर कॉरिडोर से बढ़ेंगी उम्मीदें

वर्तमान में मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पूरी तरह तैयार हो चुका है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक के रूट पर सीएमआरएस के निरीक्षण के बाद संचालन की अनुमति मिल चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि जब इस पूरे रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू होगा, तब यात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल आएगा। तब तक राजस्व जुटाने के लिए मेट्रो को फिल्म शूटिंग और निजी कार्यक्रमों के लिए किराए पर दिया जाता रहेगा।

आयोजन के लिए शुल्क निर्धारित किया

मेट्रो प्रबंधन ने आयोजनों के लिए बहुत ही स्पष्ट दरें निर्धारित की हैं। यदि कोई आयोजन खड़े हुए स्थाई कोच में करना चाहता है, तो उसका शुल्क पांच हजार रुपये प्रति घंटा होगा। वहीं, चलती हुई मेट्रो में सफर के साथ कार्यक्रम करने के लिए बिना सजावट के 7 हजार रुपये प्रति घंटा शुल्क देना होगा। एक कोच में अधिकतम 50 लोगों के प्रवेश की अनुमति रहेगी, और यदि अतिथि संख्या बढ़ती है, तो उनसे सामान्य किराया वसूला जाएगा।



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