इंदौर के छावनी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और मास्टर प्लान को गति देने के लिए नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सड़क चौड़ीकरण के मार्ग में आ रहे बाधक निर्माणों को हटाने के लिए शुक्रवार सुबह निगम का रिमूवल अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। इस दौरान जेसीबी और पोकलेन मशीनों की सहायता से सड़क किनारे बने अवैध ढांचों और मकानों के हिस्सों को ढहाने का काम शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस प्रशासन की टीम भी तैनात रही।
सुबह से शुरू हुआ रिमूवल अभियान
शुक्रवार सुबह होते ही नगर निगम का अमला पूरी तैयारी के साथ छावनी क्षेत्र में मुस्तैद हो गया था। इसके तुरंत बाद ही सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे निर्माणों को जमींदोज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई। मशीनों के जरिए कई मकानों और अन्य पक्के निर्माणों को ढहाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई दोपहर बाद तक निरंतर जारी रह सकती है।
विरोध के बाद 60 फीट चौड़ी होगी सड़क
नगर निगम प्रशासन ने इस पूरी मुहिम को शुरू करने से पहले ही प्रभावित क्षेत्र के निवासियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर इसकी अग्रिम सूचना दे दी थी। इसके बाद ही शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया गया। सूत्रों के अनुसार पूर्व में इस मुख्य मार्ग को 80 फीट तक चौड़ा किया जाना प्रस्तावित था, परंतु स्थानीय नागरिकों के कड़े विरोध और मांग को देखते हुए फिलहाल इसे 60 फीट तक ही चौड़ा करने का फैसला लिया गया है।
महापौर ने किया था प्रभावित क्षेत्र का दौरा
इस मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर पिछले दिनों इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी स्वयं छावनी क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने वहां के स्थानीय रहवासियों से सीधे संवाद कर सड़क की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया था और उनकी समस्याओं को सुना था। इसी संवाद के बाद शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जो लगातार जारी है।
मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य जरूरी
कार्रवाई के संबंध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास और मास्टर प्लान को अमलीजामा पहनाने की दृष्टि से ये सड़कें बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने, अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय और नोटिस दिया गया था, इसके बावजूद सड़क के बीच बने अवैध निर्माण और बाधाओं को स्वयं नहीं हटाया गया। इसी वजह से प्रशासन को मजबूरन इन्हें हटाने की कार्रवाई करनी पड़ रही है। मास्टर प्लान की सड़कों का समय पर निर्माण पूरा करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी लक्ष्य के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है।
लगातार दूसरे दिन भी निगम की बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इंदौर नगर निगम की टीम विकास कार्यों में बाधक अतिक्रमणों पर लगातार प्रहार कर रही है। इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी निगम की टीम ने लक्ष्मीबाई प्रतिमा से लेकर जिंसी चौराहे तक मास्टर प्लान की सड़क के निर्माण में बाधा बन रहे सोलह मकानों के अवैध हिस्सों को पूरी तरह से हटा दिया था। उस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने पांच जेसीबी और पांच पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया था।
