इंदौर में अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाल विवाह की तीन अलग-अलग कोशिशों को समय रहते विफल कर दिया। उड़नदस्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात तक कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिकाओं के विवाह निरस्त कराए। इस दौरान परिजनों को कानून की विस्तृत जानकारी दी गई और समझाइश देकर भविष्य में ऐसी गलती न करने के लिए पाबंद किया गया।
यह भी पढ़ें…
खजराना क्षेत्र में नाबालिग की शादी रोकी
खजराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कॉलेज कॉलोनी में एक बालिका के विवाह की गुप्त सूचना प्रशासन को मिली थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान बालिका की आयु 17 साल 4 महीने पाई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल परिवार को कानूनी पहलुओं से अवगत कराया और समझाइश दी, जिसके बाद परिजनों ने विवाह टालने का निर्णय लिया। इस मामले में उज्जैन से आने वाली बारात को भी सूचना देकर कैंसिल कराया गया।
न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका का विवाह टला
न्यू गोविंद कॉलोनी में भी एक 15 वर्षीय बालिका की शादी की तैयारियों की शिकायत प्रशासन तक पहुंची थी। जब टीम जांच के लिए पहुंची तो शुरुआत में परिवार ने शादी की बात से इनकार किया, लेकिन गहन जांच में सगाई की पुष्टि हो गई। टीम द्वारा दी गई समझाइश के बाद परिजन अपनी गलती मानने को तैयार हुए और बालिका के बालिग होने तक विवाह टालने की लिखित सहमति प्रदान की।
भमोरी क्षेत्र में हेल्पलाइन की सूचना पर कार्रवाई
भमोरी क्षेत्र में हेल्पलाइन नंबर पर मिली एक शिकायत के आधार पर प्रशासनिक टीम ने दबिश दी। वहां दस्तावेजों के परीक्षण में बालिका की उम्र मात्र 16 साल पाई गई। माता-पिता को बाल विवाह के विरुद्ध बने कड़े कानूनी प्रावधानों को समझाने के बाद यह विवाह भी मौके पर ही निरस्त कर दिया गया।
देर रात तक चला दस्तावेजों का परीक्षण
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने दिनभर शहर के विभिन्न विवाह स्थलों और मांगलिक परिसरों में दस्तावेजों की जांच की। उड़नदस्ता टीम शनिवार रात 12 बजे तक आयु प्रमाणों का परीक्षण करने में जुटी रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है और समाज के हर नागरिक को इसकी सूचना विभाग या हेल्पलाइन को देनी चाहिए।
इंदौर जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इंदौर जिले की राजस्व सीमा में बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया है, जो 12 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह पूरी तरह प्रतिबंधित है।
प्रशासन ने गठित की निगरानी टीमें
बाल विवाह रोकने के लिए जमीनी स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, कोटवार, शौर्या दल, चाइल्ड लाइन और लाडो अभियान के सदस्यों की जवाबदेही तय की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में कहीं भी निर्धारित आयु से कम उम्र में विवाह संपन्न न हो। किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की शिकायत स्थानीय पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग या चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर की जा सकती है।
