इंदौर में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दुनिया में 200 से अधिक देशों में पुरुष-आधारित समाज है, लेकिन हमारा देश परिवार और संस्कृति के माध्यम से सनातन काल से आगे बढ़ता रहा है। हम तो गृह-नक्षत्र में पृथ्वी को माता मानकर मातृशक्ति का आदर करते हैं। मध्य प्रदेश की धरती बहनों के पराक्रम और पुरुषार्थ से भरी पड़ी है। देवी अहिल्या और रानी दुर्गावती इसकी मिसाल हैं, लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि कांग्रेस की नेता वंदे मातरम् का अपमान करती हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उसका बचाव करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने माफी नहीं मांगी, यही कांग्रेस का अतीत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को उस रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रही है, जब राम मंदिर के मामले में देश में दंगे हुए। राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार गलत बोलती रही। उन्होंने यह भी कहा कि तीन तलाक के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था, लेकिन कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के कारण लोकसभा के माध्यम से उसे बदल दिया। मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दो ऐतिहासिक फैसलों का पालन कराया है।
तीन तलाक के कलंक से मुक्ति दिलाने का काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया और कोर्ट के निर्णय का पालन करते हुए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया। यह बदलते दौर का भारत है। नारी शक्ति अधिनियम का सभी को स्वागत करना चाहिए।
विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को ज्ञान, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। समय के साथ समाज में महिलाओं को पीछे धकेल दिया गया। मोदी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया है। यह फैसला राजनीतिक नहीं, बल्कि धर्म, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जुड़ा है। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायतों में पहले से ही 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।
