नगर निगम सम्मेलन में कांग्रेस की दो महिला पार्षदों द्वारा वंदे मातरम न गाए जाने पर पूर्व मंत्री व महू विधायक उषा ठाकुर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस तरह माफी मांगने से कुछ नहीं होगा। दोनों पहले वंदे  मातरम  कंठस्थ करें और फिर राजवाड़ा पर माइक लगाकर उसे सार्वजनिक रूप से गाएं, इंदौर उन्हें माफ कर देगा।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को कथनी और करनी में अंतर दूर करना होगा। यदि सचमुच उनकी रग-रग में वंदे मातरम प्रवाहित हो रहा है, तो कांग्रेस की दोनों पार्षदों को उन्हें सार्वजनिक रूप से गाने के लिए कहना होगा। वंदे मातरम विवाद में निश्चित रूप से प्रकरण दर्ज होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रगीत का अपमान किया गया है।

 

इस मामले में विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम का विरोध करते हैं, उनसे हम वोट मांगने नहीं जाते हैं जिस देश में रहते हैं, उसके राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। जो इस देश में रहेगा, उसे वंदे मातरम बोलना होगा। यह देशभक्ति से जुड़ा विषय है, इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

एफआईआर के लिए किए सबूत इकट्ठा

वंदे मातरम विवाद मामले में पुलिस ने एफआईआर की तैयारी कर ली है। इस मामले में एमजी रोड थाने पर शिकायती आवेदन आए हैं। पुलिस ने सभापति मुन्नालाल यादव व अन्य भाजपा पार्षदों के बयान ले लिए हैं। इसके अलावा सदन की रिकॉर्डिंग को भी जब्त कर लिया है। उसे आधार बनाकर एक-दो दिन में प्रकरण दर्ज हो सकता है। इस मामले में पुलिस जिन पार्षदों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके भी बयान लेगी।





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