इंदौर के चर्चित भागीरथपुरा पेयजल दूषित कांड को लेकर बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट के समक्ष जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। हाईकोर्ट ने 14 जून तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 16 जून को होगी।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण 35 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने मृतकों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट में दो याचिकाएं लगी हैं। कोर्ट ने इस मामले में जांच आयोग गठित किया है। पिछली सुनवाइयों में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जवाब पेश हुआ था। उसमें 18 मौतें दूषित पेयजल के कारण स्वीकारी गई थीं।
इसके अलावा एक जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें उन्होंने पेयजल लाइन में दूषित पानी मिलने व अन्य कारण बताए थे, लेकिन अभी तक इस मामले में गठित आयोग की तरफ से रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। आयोग भागीरथपुरा के प्रभावित परिवारों से साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कह चुका है। कुछ परिवारों ने आयोग के समक्ष मौतों को लेकर साक्ष्य भी दिए हैं।
अब अगली सुनवाई 16 जून को होगी। आपको बता दें कि तीन माह पहले इंदौर के विधानसभा क्षेत्र एक की भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी से डायरिया व हैजा फैला था। बस्ती में एक हजार से ज्यादा लोग इस कारण बीमार हुए थे और पांच सौ लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया गया था। उपचार के दौरान 35 लोगों की इस मामले में मौत हो चुकी है। यह मामला राष्ट्रीय स्तर तक उछला था और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भागीरथपुरा बस्ती में आए थे और प्रभावित परिवारों से मिले थे।
