इंदौर में 17 किलोमीटर लंबाई वाले मेट्रो ट्रेन के संचालन की मंजूरी कमीशनर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की ओर से डेढ़ माह पहले मिल चुकी है, लेकिन इसका लोकार्पण अभी तय नहीं हो पाया है।गांधी नगर और सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस-इंफोसिस, नर्सिमंज़ूई, सिम्बायसिस जैसी संस्थाएँ हैं, जहाँ रोज़ाना हजारों विद्यार्थी और आईटी प्रोफेशनल आते हैं। मेट्रो ट्रेन के संचालन से उन्हें यात्रा में आसानी होगी।

 

हालाँकि अधिकारियों ने मेट्रो के कोच और स्टेशन को जन्मदिन, किटी पार्टी और अन्य आयोजनों के लिए किराए पर देने का निर्णय लिया है। इंदौरवासी मेट्रो के संचालन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी एस. कृष्णा चैतन्य का कहना है कि जल्द ही मेट्रो के संचालन की तारीख तय की जाएगी और इसका लोकार्पण होगा।

 

गांधी नगर मेट्रो स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक पांच मेट्रो स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। मेट्रो का ट्रायल रन अलग-अलग स्पीड पर कई बार सफलतापूर्वक हो चुका है। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने किराए की घोषणा अभी नहीं की है, लेकिन अधिकतम किराया 80 रुपये तक होगा।फिलहाल मेट्रो का संचालन केवल 7 किलोमीटर तक हो रहा है। इस छोटे रूट पर दिनभर में 100 से भी कम यात्री यात्रा करते हैं। मेट्रो ट्रेन संचालन और स्टेशन स्टाफ पर प्रतिदिन लगभग 8 लाख रुपये का खर्च हो रहा है।

17 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेन 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा आने में मेट्रो को लगभग 20 मिनट का समय लगेगा। पहले चरण में मेट्रो का संचालन खजराना चौराहा तक होगा। इसके बाद मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी, जिसका काम अभी शुरू नहीं हुआ है। वर्तमान में 7 किलोमीटर रूट का अधिकतम किराया 30 रुपये है। पूरे 17 किलोमीटर रूट पर अधिकतम किराया 80 रुपये होगा।



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