इंदौर में नीट का पेपर बिकने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसने चैटजीपीटी की मदद से एक नकली पेपर तैयार किया और उसे 200 से अधिक अभ्यर्थियों को बेचकर कमाई की। उसने पेपर बेचकर कितने रुपये कमाए, इसकी जांच पुलिस कर रही है।
पिछली बार पेपर लीक का मामला सामने आने पर देशभर में मचे हंगामे के कारण इंदौर पुलिस नीट परीक्षा से पहले ही सक्रिय हो गई थी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अक्षय मालवीय नाम का युवक नीट का पेपर अभ्यर्थियों को बेच रहा है।
पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों को मामले की जांच में लगाया। इसके बाद एक टीम ने उसे लसूड़िया क्षेत्र के शक्करखेड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर जांच की। मोबाइल में एक प्रश्नपत्र मिला, जिस पर “NEET-2026” लिखा था। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह पेपर चैटजीपीटी की मदद से तैयार किया था।
पुलिस ने उसके मोबाइल की पेमेंट हिस्ट्री भी खंगाली। जांच में पता चला कि उसने पेपर बेचने के बदले यूपीआई के माध्यम से 200 से अधिक छात्रों से लाखों रुपये प्राप्त किए हैं। आरोपी के पिता वकील हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसे किसी थाने में रखने के बजाय एक फार्महाउस में रखने का फैसला किया। वहां तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, क्योंकि नीट पेपर लीक का मामला संवेदनशील माना जा रहा था। परीक्षा समाप्त होने के बाद उसे थाने लाया गया।
