प्रदेश के सबसे बड़े एमवाय अस्पताल में अव्यवस्था खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा ही मामला शनिवार को सामने आया, जब डॉक्टरों ने एक मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भेजा और माता-पिता तेज धूप में अपने बेटे को स्ट्रेचर पर एक किलोमीटर तक ले जाते दिखे। गर्मी से बचाने के लिए मां बार-बार गिला कपड़ा बेटे के शरीर पर ओढ़ाती रही।
इंदौर के एमवाय अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में इलाज कराने आए किशोर आदर्श को उसके माता-पिता भरी दोपहर में स्ट्रेचर पर ले जाते हुए देखा गया। इस नजारे ने एमवाय अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए। अस्पताल में परिजनों को खुद स्ट्रेचर पर अपने मरीजों को लाना-ले जाना पड़ता है।
आदर्श की रीढ़ की हड्डी में समस्या है और उसका इलाज चल रहा है। शनिवार को डॉक्टरों ने उसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दिखाने के लिए रेफर किया। अस्पताल पर कोई कर्मचारी स्ट्रेचर धकेलने के लिए मौजूद नहीं था। मजबूरी में आदर्श के माता-पिता ने खुद बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर लगभग एक किलोमीटर दूर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तक पहुंचाया।गर्मी और उमस के बीच माता-पिता अपने छोटे बेटे को धूप से बचाने के लिए बार-बार पानी से चुन्नी भिगोकर उसके ऊपर डालते रहे।
आख़िरकार, वहां जाकर उन्हें पता चला कि बच्चे को दिखाना ही नहीं था। केवल उसके मेडिकल दस्तावेज और फाइल्स को डॉक्टर को दिखाना था। परिवार को मजबूरी में दोबारा स्ट्रेचर लेकर वापस एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा।
