राऊ-देवास बायपास पर इंदौर के समीप अर्जुन बड़ौद गांव में वाहनों का दबाव ज्यादा रहता था। इस वजह से यहां ब्रिज बनाया गया। फिलहाल इससे यातायात शुरु हो गया है। आठ माह पहले अर्जुन बड़ौद गांव में सर्विस रोड पर लगने वाले 48 घंटे के ट्रैफिक जाम के कारण कतार में फंसे तीन बीमार लोगों की जान चली गई थी।
जानकारी के अनुसार 80 करोड़ की लागत से ब्रिज को बनाया गया है। इस ब्रिज के बनने के बाद इंदौर से भोपाल या देवास जाने वाले वाहन चालकों का सफर आसान हो जाएगा। कई बार सर्विस रोड पर ट्रैफिक जाम होने के कारण 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था।
कोर्ट तक पहुंचा था मामला
इस जगह पर 48 घंटे के जाम लगा था तब लोग परेशान हुए थे। इस महाजाम की चर्चा प्रदेशभर में हुई थी। इसके बाद ये मामला कोर्ट में भी पहुंचा था। कोर्ट ने सर्विस रोड ठीक करने और तय समय में ब्रिज बनाने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए थे, लेकिन तय समयसीमा से सालभर की देरी के बाद यह ब्रिज बनकर तैयार हो सका है।
ब्रिज पर नहीं लगीं लाइट्स
बायपास के दूसरे ब्रिजों पर रोशनी के लिए पोल लगाए गए हैं, लेकिन इस ब्रिज पर बिजली के पोल नजर नहीं आ रहे हैं। सर्विस रोड भी अभी तक ठीक नहीं की गई है। कई जगह गड्ढे हैं। वाहन चालकों को ब्रिज के आसपास धूल का सामना भी करना पड़ रहा है। एक-दो दिन में बायपास के रालामंडल ब्रिज को भी ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। उस ब्रिज का लोड टेस्ट नहीं हो पाया था। इस कारण ब्रिज ट्रैफिक के ट्रायल के बाद बंद कर दिया गया था।
