उज्जैन के महिदपुर थाना क्षेत्र के सेमलिया रोड स्थित पीली खाई जंगल में शुक्रवार सुबह एक युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान बालाराम उर्फ बालेश्वर (38) पिता शंकरलाल गुजराती, निवासी ग्राम सेमलिया के रूप में हुई। उसका गला रेता गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान साइबर टीम की मदद से पता चला कि घटनास्थल पर बद्रीलाल पिता उदाजी, निवासी ग्राम खामरिया थाना आलोट, और गजानंद पिता नानूराम, निवासी बिनपुरा महिदपुर, की मौजूदगी थी। दोनों की तलाश की गई तो सामने आया कि बद्रीलाल मृतक का साढ़ू है और गजानंद उसका साला है। बालाराम की लाश मिलने के बाद बद्रीलाल अस्पताल पहुंचा था और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ था।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके साले गजानंद को भी गिरफ्तार कर लिया। एसआई नरेन्द्र सिंह कनेश ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 20 अप्रैल तक रिमांड पर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
शादी में हुए विवाद की रंजिश में हत्या
पुलिस के अनुसार 14 अप्रैल को बद्रीलाल की बेटी का विवाह था, जिसमें शामिल होने बालाराम अपने परिवार के साथ गया था। वहां उसने अधिक शराब पी ली और विवाद करते हुए पत्नी व बच्चों को लेकर वापस लौट आया। इस दौरान बद्रीलाल ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन बालाराम ने उसके साथ गाली-गलौज की। इसी रंजिश में बद्रीलाल ने अपने साले के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
फोन कर बुलाया, फिर की हत्या
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि बद्रीलाल घटना से पहले ग्राम सेमलिया आया था और बालाराम से मिला था। इसके बाद उसने फोन कर उसे निपानिया मार्ग पर बुलाया। वहां से दोनों महिदपुर पहुंचे, जहां गजानंद भी मिल गया। तीनों शराब लेकर सेमलिया रोड स्थित पीली खाई पहुंचे। यहां शराब पीने के दौरान बद्रीलाल ने बालाराम का गला रेत दिया और चाकू से 3-4 वार कर उसकी हत्या कर दी।
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रातभर तलाश करता रहा परिवार
परिजनों ने बताया कि बालाराम शाम करीब 5:30 बजे निपानिया जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार ने रातभर उसकी तलाश की। सुबह सेमलिया रोड पर शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर उसकी पहचान की गई।
