देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए लोकसभा में लाए गए प्रस्ताव का विरोध करने पर कांग्रेस व विपक्षी दलों के खिलाफ 28 अप्रैल को भोपाल में भाजपा महिला मोर्चा ने मशाल जुलूस निकाला था। मशाल जुलूस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। मशाल जुलूस पुराने शहर में निकाला गया था, लिहाजा कोतवाली थाने के प्रभारी काशीराम कुशवाहा को जुलूस के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 

थाना प्रभारी काशीराम कुशवाहा ने सीएम की सुरक्षा की गंभीरता को नहीं लिया और जुलूस के लिए तय किए गए मार्ग पर किसी प्रकार की थाना स्तर पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की थी। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने इस कृत्य को सीएम की सुरक्षा में चूक माना है। 

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डीसीपी जोन-3 की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना प्रभारी काशीराम कुशवाहा को लाइन अटैच कर दिया गया है। पुलिस द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री के गुजरने वाले रूट पर, डीसीपी जोन-3 के आदेश के बावजूद कोहेफिजा थाने का पुलिस बल समय पर नहीं पहुंचा था, जिसे गंभीरता से लिया गया। मामले की जांच और सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने के बाद, थाना प्रभारी और संबंधित कर्मियों पर यह कार्रवाई की गई। मशाल जुलूस और रैलियों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजामों का निर्देश दिया गया था, विशेषकर जब शहर में विभिन्न राजनीतिक प्रदर्शन हों, लेकिन उक्त पुलिस अधिकारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, इसलिए उन्हें थाने से हटाया गया है।



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